नगरी वनांचल क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी के बीच ग्राम कारीपानी में तेंदुए के हमले से तीन ग्रामीण घायल हो गए। घायलों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर भय और चिंता व्याप्त है। घायलों को तत्काल शासकीय अस्पताल नगरी पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल धमतरी रेफर कर दिया गया। वहीं, एक महिला का उपचार नगरी अस्पताल में जारी है।
बैल का शिकार करने गांव में घुसा था तेंदुआ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कारीपानी में तेंदुआ बैल का शिकार करने के लिए गांव में घुस आया था। इसी दौरान आसपास हलचल और आवाज सुनाई देने पर एक महिला घर से बाहर निकलकर देखने पहुंची। बताया जा रहा है कि इसी समय तेंदुए ने महिला पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महिला को तेंदुए के हमले से बचाने के लिए दो अन्य लोग आगे आए, लेकिन तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया। इस घटना में दो महिलाओं सहित तीन लोग घायल हो गए।
अचानक हुए हमले से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। गांव में तेंदुए के घुसने और लोगों पर हमला करने की खबर फैलते ही लोग सतर्क हो गए। घटना ने एक बार फिर वनांचल क्षेत्र के गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एक घायल महिला का नगरी में इलाज, दो धमतरी रेफर
घटना में घायल लोगों की पहचान सुंदर लाल नेताम (60 वर्ष), पिता मंगला राम नेताम, निवासी ग्राम उजरावन, जो कारीपानी में मेहमान बनकर आए हुए थे, उर्मिला बाई मरकाम (60 वर्ष), पति इतवारी मरकाम, निवासी ग्राम कारीपानी तथा मनाई बाई, पति हीरालाल, निवासी ग्राम कारीपानी के रूप में हुई है।
घटना के बाद तीनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए शासकीय अस्पताल नगरी ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। इनमें से दो घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी रेफर किया गया, जबकि तीसरी घायल महिला का इलाज नगरी अस्पताल में जारी है।
घटना के बाद वन विभाग सक्रिय, ग्रामीणों में भय
ग्राम कारीपानी में तेंदुए के हमले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। गांव में तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि तेंदुआ दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचा तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।
वनांचल से जुड़े गांवों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क के मद्देनजर ऐसी घटनाएं ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। ग्रामीणों की अपेक्षा है कि वन विभाग मौके पर पहुंचकर तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाए तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।
फिलहाल, घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता जरूरी है। ग्रामीणों से अपील है कि तेंदुए की मौजूदगी दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे घेरने या भगाने की कोशिश न करें तथा तत्काल वन विभाग को सूचना दें।