संपत्ति विवाद: नासिक में अफगानिस्तान के सूफी धर्मगुरु की हत्या

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 06 Jul 2022 10:26 PM
संपत्ति विवाद: नासिक में अफगानिस्तान के सूफी धर्मगुरु की हत्या

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मुंबई. महाराष्ट्र के नासिक जिले में अफगानिस्तान के सूफी धर्मगुरु की संदिग्ध तौर पर संपत्ति विवाद में हत्या कर दी गई. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि मंगलवार शाम को हुई इस हत्या के सिलसिले में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है. नासिक के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सचिन पाटिल ने बताया कि महाराष्ट्र में नासिक के येवला शहर में चार अज्ञात लोगों ने ख्वाजा अहमद जरीफ चिश्ती उर्फ जÞरीफ बाबा (38) की गोली मारकर हत्या कर दी.

उन्होंने बताया कि वह चार साल से शरणार्थी के तौर पर भारत में रह रहे थे और सोशल मीडिया पर उन्हें लोग बड़ी संख्या में ‘फॉलो’ करते थे. पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने प्रेस वार्ता में बताया कि संदिग्धों की तलाश की जा रही है. पाटिल ने बताया कि वह चार साल पहले पाकिस्तान से भारत आए थे और उन्हें शरणार्थी का दर्जा मिल गया था. वह सिन्नर तहसील के वावी इलाके में एक महिला के साथ रहते थे और माना जाता है कि महिला भी अफगानिस्तान की नागरिक है.

शुरुआती जांच के मुताबिक, वह अपने तीन-चार अनुयायियों के साथ मंगलवार दोपहर को येवला गए थे और वहां कोई धार्मिक रस्म की. पुलिस के अधिकारी के मुताबिक, इसके बाद वे ‘भूमिपूजन’ के लिए रवाना हुए और चिनचोली मआईडीसी (महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम) इलाके में पहुंचे. एसपी ने बताया कि रस्म के बाद शाम में जब चिश्ती अपनी कार में बैठे तो उनके चालक ने पिस्तौल से उनके सिर में कथित रूप से गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

पुलिस ने हत्या को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हुए आरोपियों के नामों का खुलासा नहीं किया है. पाटिल ने बताया कि कुछ लोगों को वह खून से लथपथ पड़े मिले तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया. एसपी के मुताबिक, चिश्ती को येवला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है जबकि चालक समेत तीन अन्य फरार हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि हत्या का कारण जÞमीन या पैसों से संबंधित विवाद है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चिश्ती ने हाल में अपने एक दोस्त के नाम पर वावी में 15 एकड़ जमीन खरीदी थी. अधिकारी ने बताया कि वह शरणार्थी होने की वजह से भारत में संपत्ति नहीं खरीद सकते थे, लिहाजÞा वह अपने जानकारों के नाम पर संपत्ति खरीदते थे. उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल भी था जहां उन्हें लोग बड़ी संख्या में फॉलो करते हैं. अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें उनके अनुयायियों से चंदा मिलता था. मामले की जांच की जा रही है.

By Yogesh Kumar Sahu