मामले के मुख्य बिंदु और गंभीर आरोप
आश्रम गतिविधियों और संपत्ति को लेकर मतभेद: पत्र में आरोप लगाया गया है कि केलिकुंज आश्रम से जुड़ी गतिविधियों पर दो पक्षों में गहरा मतभेद है। आश्रम के प्रभाव का अनुचित लाभ उठाकर संपत्ति व प्रॉपर्टी के धंधे से जुड़े कुछ लोगों के सक्रिय होने की बात कही गई है।
सुरक्षा और बच्चों के गायब होने की आशंका: पत्र में दावा किया गया है कि संपत्ति व व्यावसायिक गतिविधियों से व्यथित होकर संत प्रेमानंद महाराज बेलवन स्थित आश्रम चले गए थे। इसके अलावा, केलिकुंज आश्रम के आसपास बच्चों के गायब होने तथा संदिग्ध तत्वों की आवाजाही को लेकर भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई गई हैं।
समर्थन में उतरे ब्रज के संत और भागवताचार्य
विवादों और आलोचनाओं के बीच ब्रज के प्रमुख धर्मगुरु और कथावाचक संत प्रेमानंद महाराज के समर्थन में आगे आए हैं:
- भागवताचार्य देवी चित्रलेखा: उन्होंने कहा कि बिना सच्चाई जाने किसी भी रसिक प्रेमी व महापुरुष पर तथ्यहीन बयानबाज़ी करना पूरी तरह अमर्यादित और गलत है। ज्ञान न होने पर मौन रहना चाहिए।
- भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य: उन्होंने कहा कि तथ्यों को जाने बिना संत प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उनके प्रवचनों ने लाखों-करोड़ों लोगों को सनातन धर्म के मार्ग से जोड़ा है।
- मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज: उन्होंने कहा कि निंदक समाज को महापुरुषों से मिले योगदान को नजरअंदाज कर बेबुनियाद बातें फैलाते हैं।