सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में जिला जज के आवास पर उस समय हड़कंप मच गया, जब खराब पड़ी वाशिंग मशीन के अंदर एक जहरीला कोबरा मिला। मशीन चलाने की कोशिश कर रहे कर्मचारी की नजर अचानक सांप की पूंछ पर पड़ी। इसके बाद आवास पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया।
वाशिंग मशीन चलाते समय दिखी सांप की पूंछ
जानकारी के मुताबिक, जिला जज के आवास पर रखी वाशिंग मशीन पिछले दो दिनों से खराब थी। गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे एक कर्मचारी ने मशीन चलाने की कोशिश की। इसी दौरान उसे मशीन के अंदर सांप की पूंछ दिखाई दी।
मशीन के अंदर सांप होने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद लोग घबरा गए। एहतियात के तौर पर घर के लोगों को बाहर निकाला गया और वन विभाग को सूचना दी गई, ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।
मशीन के पुर्जे खोलने पर दिखा कोबरा
सूचना मिलने के बाद सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। वाशिंग मशीन के अंदर सांप फंसा होने के कारण उसे निकालने के लिए एक मिस्त्री की मदद ली गई। इसके बाद मशीन के अलग-अलग हिस्सों को सावधानी से खोला गया।
मशीन के अंदर कोबरा दिखाई देने पर रेस्क्यू टीम ने सतर्कता के साथ उसे बाहर निकाला। इसके बाद सांप को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया। बताया गया कि घटना के समय जिला जज आवास पर मौजूद नहीं थे। रेस्क्यू पूरा होने के बाद वहां मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
वाशिंग मशीन में कैसे पहुंचा सांप?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कोबरा वाशिंग मशीन के अंदर कैसे पहुंचा। ऐसी जगहों पर सांप छिपने की आशंका को देखते हुए घरों के स्टोर रूम, मशीनों के आसपास और लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे सामान की जांच करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
अगर किसी मशीन या उपकरण के अंदर सांप दिखाई दे, तो उसे चलाने या खुद सांप निकालने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ की मदद लें।
पहले ट्रेन के एसी कोच में भी मिला था सांप
इससे पहले बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी कोच में भी सांप दिखाई देने का मामला सामने आया था। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी। रेलवे की टीम ने सांप की तलाश की, लेकिन करीब एक घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में उसका पता नहीं चल सका। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ए-2 कोच को ट्रेन से अलग कर उसकी जगह दूसरा कोच जोड़ा गया। इसके बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।