धमतरी/कोंडागांव, 16 अक्टूबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के धमतरी और कोंडागांव जिलों की सीमा पर स्थित चार गांवों में पिछले 48 घंटों के दौरान तेंदुए के हमले में गर्भवती महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।
सीतानदी वन्यजीव अभयारण्य के उप-विभागीय अधिकारी बाल गोविंद साहू ने बताया कि बुधवार से अब तक तेंदुए ने 16 लोगों पर हमला किया, जिनमें से दो की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि तेंदुए के आक्रामक व्यवहार के पीछे रेबीज संक्रमण या कोई अन्य कारण हो सकता है और इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही होगी। अधिकारियों के अनुसार, धमतरी जिले के करीपानी, बहीगांव और आमानारा गांवों में हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और 10 लोग घायल हुए।
उन्होंने बताया कि वहीं, कोंडागांव जिले के बस्तर बुडरा गांव में गर्भवती महिला रामशिला मंडावी (27) की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हुए।
अधिकारी ने बताया कि रामशिला की बृहस्पतिवार को कोंडागांव के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं, शुक्रवार सुबह आमानारा निवासी प्रभु परदे (42) को नगरी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
घायलों का धमतरी, कोंडागांव और कांकेर के अस्पतालों में इलाज जारी है।
वन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि तेंदुए को बुधवार को पहली बार बहीगांव के पास देखा गया था और उसे पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह आमानारा में तेंदुए ने चार वर्षीय सुहानी मरकाम पर हमला कर दिया हालांकि उसके पिता सुरेश मरकाम ने अपनी बेटी को बचाने के लिए तेंदुए का सामना किया और इस दौरान अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए और उन्होंने मिलकर तेंदुए को काबू में कर लिया।
साहू ने बताया कि तेंदुए को जांच और देखभाल के लिए नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी ले जाया जा रहा है।वन विभाग ने प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों के परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की सहायता दी गई है और शेष मुआवजा औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि घायलों को भी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
नगरी सिहावा वनांचल क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से तेंदुए के लगातार हमलों से फैली दहशत के बीच शुक्रवार सुबह आमानारा गांव में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। अपनी चार वर्षीय बेटी सुहानी मरकाम को बचाने के लिए पिता सुरेश मरकाम तेंदुए से भिड़ गए। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए का मुकाबला किया। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए को काबू में कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
हालांकि, इस घटनाक्रम के बीच आमानारा में तेंदुए के हमले से 42 वर्षीय प्रभु पर्दे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने सुबह कई ग्रामीणों को निशाना बनाया। प्रभु पर्दे को गंभीर हालत में नगरी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अन्य घायलों का उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
बेटी पर हमला होते ही तेंदुए से भिड़ गया पिता
शुक्रवार सुबह आमानारा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तेंदुए ने चार वर्षीय बच्ची सुहानी मरकाम पर हमला कर दिया। अपनी बेटी को संकट में देखकर पिता सुरेश मरकाम तेंदुए से भिड़ गए। उन्होंने बच्ची को बचाने के लिए तेंदुए का सामना किया। इस दौरान गांव के अन्य लोग भी मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने साहस और एकजुटता दिखाते हुए तेंदुए को काबू में कर लिया।