पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने आरोप लगाया है कि 1993 में न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में डोनाल्ड ट्रंप ने उनका रेप किया था। आरोप हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्यों की रिपोर्ट में शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने आरोपों को खारिज किया है।
अमेरिकी सांसद के द्वारा जारी 53 पेज की रिपोर्ट के जरिए ये खुलासे किए गए हैं. रिपोर्ट में न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में हुई घटना का जिक्र किया गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिकी संसद की हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेटिक स्टाफ की 53 पन्नों की रिपोर्ट में 11 महिलाओं से जुड़े आरोपों का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें से पांच महिलाओं ने ट्रंप पर यौन उत्पीड़न या दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं. ये आरोप जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कथित संपर्कों के संदर्भ में सामने आए हैं.
पूर्व मिस स्विट्जरलैंड ने 1993 की घटना का किया दावा
रिपोर्ट में बीट्रिस केउल नाम की महिला का बयान भी शामिल है, जो मॉडल रह चुकी हैं और पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बताई गई हैं. उनके मुताबिक, नवंबर 1993 में जब वह 24 साल की थीं, तब न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल के एक सुइट में ट्रंप ने उनके साथ दुष्कर्म किया था. यह महिला का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती.

वीजा और यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद का दिया था भरोसा
‘टाइम’ की रिपोर्ट के अनुसार, केउल ने अमेरिकी कांग्रेस के कर्मचारियों को बताया कि उनकी मुलाकात ट्रंप से ‘अमेरिकन ड्रीम पेजेंट’ से जुड़े एक कार्यक्रम में हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने सहयोगी पाओलो ज़ाम्पोली के जरिए अमेरिकी वीजा और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने में मदद का भरोसा दिया था. केउल ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान उनकी जेफ्री एपस्टीन से बातचीत हुई थी. उनके अनुसार, एपस्टीन ने कहा था कि उसने डॉन के साथ कई पार्टियां आयोजित की थीं.
होटल के कमरे में दुष्कर्म का आरोप
केउल के बयान के मुताबिक, उसी दिन ट्रंप ने उन्हें होटल के एक सुइट में बुलाया, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें चोटें आईं और खून बहने लगा. महिला ने यह भी दावा किया कि ट्रंप ने उन्हें चुप रहने के लिए कहा और वीजा तथा यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद का भरोसा दोहराया. ये सभी बातें रिपोर्ट में दर्ज महिला के आरोपों पर आधारित हैं.
पासपोर्ट लिए जाने की वजह से तुरंत नहीं लौट सकीं
रिपोर्ट के अनुसार, केउल ने बताया कि अमेरिका पहुंचने के बाद उनका पासपोर्ट ले लिया गया था, जिसके कारण वह तुरंत पेजेंट छोड़कर नहीं जा सकीं. स्विट्जरलैंड लौटने के बाद उन्होंने कुछ सप्ताह बाद हवाई में आयोजित ट्रंप से जुड़े एक अन्य पेजेंट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.
रिपोर्ट में चार अन्य महिलाओं के आरोपों का भी जिक्र
बीट्रिस केउल के अलावा रिपोर्ट में उन चार महिलाओं से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख है, जिनकी शिकायतें पहले सार्वजनिक हो चुकी हैं. इनमें स्टेसी विलियम्स का आरोप है कि एपस्टीन की मौजूदगी में ट्रंप ने उन्हें ट्रंप टावर स्थित अपने कार्यालय में गलत तरीके से छुआ था. जिल हार्थ ने भी ट्रंप पर जबरन चूमने और गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया था.
रिपोर्ट में ‘केटी जॉनसन’ नाम से पहचानी गई एक महिला का भी जिक्र है. उसने एफबीआई को बताया था कि 1994 में, जब वह 13 साल की थी, तब ट्रंप और एपस्टीन ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. इन आरोपों को संबंधित महिलाओं के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
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रिपोर्ट में न्याय विभाग पर सबूत रोकने का आरोप
53 पन्नों की यह रिपोर्ट हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेटिक स्टाफ ने तैयार की है और इसे प्रतिनिधि जेमी रस्किन ने जारी किया. इसमें महिलाओं के इंटरव्यू, एफबीआई रिकॉर्ड और ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत जारी दस्तावेजों का हवाला दिया गया है. रिपोर्ट तैयार करने वालों ने न्याय विभाग पर सबूत रोकने का आरोप लगाया और एपस्टीन से जुड़े लोगों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.
व्हाइट हाउस ने आरोपों को बताया राजनीतिक हमला
व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज किया है. प्रवक्ता लॉरेन बिस ने कहा कि एपस्टीन से जुड़े मामले में ट्रंप को पूरी तरह निर्दोष साबित किया जा चुका है. उन्होंने रिपोर्ट को प्रशासन के कामकाज से लोगों का ध्यान हटाने की राजनीतिक कोशिश बताया. ट्रंप भी एपस्टीन से जुड़े मामले में किसी तरह की गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार करते रहे हैं.