बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आज सबसे पहले चेन्नई के तट से टकराया। 18 मीटर ऊंची लहरों ने कर दो पहिया वाहन पैदल यात्रियों को नुकसान पहुंचाया। हालांकि किसी के हताहत होने या जान मॉल के नुकसान होने की खबर अभी नहीं है।
समुद्री लहरें शहर के अंदर तक पहुंच गईं तथा कार, दोपहिया वाहन और पैदल यात्रियों को नुकसान पहुंचाया हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रहे हैं। तूफान की गंभीरता को देखते हुए, तटीय क्षेत्रों के मौसम पर कड़ी नजर रखी जा रही है और वहां रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आइए, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभावों पर एक नजर डालते हैं
मौजूदा हालात को देखते हुए, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है. पुडुचेरी में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. चक्रवात के कारण सुरक्षा के मद्देनजर कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और रेलवे ने भी 90 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी हैं. इसके अलावा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं.
दिल्ली-NCR क्षेत्र सहित कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की संभावना है. यह सिर्फ मौसम की चेतावनी नहीं है, बल्कि यह तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा, आजीविका और बुनियादी ढांचे के लिए एक गंभीर चुनौती है. नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि तूफान कैसे और कितना तीव्र हो सकता है, इसका क्या असर हो सकता है, और प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं, ताकि वे सही फैसले ले सकें.
ओडिशा के गोपालपुर में चक्रवात ‘अर्नब’ के पूर्वी तट के करीब पहुंचने पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश माझी ने कहा, “आज गजपति में कुछ जगह पेड़ गिरे थे, जैसे ही सूचना मिली तुरंत पेड़ को काट के रास्ता क्लियर कर दिया गया है.गंजाम के गोपालपुर बीच के आसपास हवा की गति बढ़ गई है और बारिश भी रुक-रुक के बढ़ी हुई है. बारिश काफी ज्यादा है. सरकार से जो दिशानिर्देश मिले हैं उसके तहत हम सभी से अपील करेंगे कि वे सुरक्षित जगहों पर जाएं. हमारे विभाग की सभी मशीनरी पूरी तैयारी में हैं और जगह-जगह पर तैनात हैं, पूरी टीम सक्रिय है.”
ओडिशा: चक्रवात ‘अर्नब’ के तट से टकराने से पहले, गंजाम जिले में लोगों को चक्रवात आश्रय स्थल में स्थानांतरित किया गया.