आज गुरूवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 905.01 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,151.04 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 238 अंक यानी 1.05 प्रतिशत उछलकर 22,936.75 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में खरीदारी का असर प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया और ज्यादातर बड़े शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। दिन के कारोबार में अडानी पोर्ट्स सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहा, जिसमें करीब 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त रही। पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और एटरनल के शेयर भी 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन और एनटीपीसी के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 26 के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चार में गिरावट रही।
बाजार में आई तेजी का फायदा निवेशकों की कुल संपत्ति में भी दिखाई दिया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 472 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 477 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तरह एक कारोबारी सत्र में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार को सहारा देने वाले प्रमुख कारणों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला शामिल रहा। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और घरेलू निवेशकों का समर्थन भी बाजार के लिए सकारात्मक रहा। हालांकि, वैश्विक आर्थिक हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आगे भी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
जुलाई-सितंबर के दौरान मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ने से भारतीय बाजार में चीनी फोन ब्रांडों की हिस्सेदारी 8 साल के निचले स्तर 67-68% पर आ गई। उन्होंने अपने बजट मॉडल कम कर दिए, जिससे लावा (Lava) और एआई+ (Ai+) के लिए जगह बन गई; इन दोनों की कुल हिस्सेदारी 2% से बढ़कर 7% हो गई।
अडानी पोर्ट्स मेंआज 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई। TCS, BSE और इंफोसिस के शेयरों में बढ़त रही जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी हुई। ऑटो, रियल्टी और डिफेंस सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखा गया।