अयोध्या. सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए तैयार है। सरयू तट पर लाखों दीपों की जगमगाहट, रामायण के प्रसंगों पर आधारित मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस महोत्सव को विशेष स्वरूप देंगे। दीपोत्सव के माध्यम से त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करने और सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को प्रदर्शित करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या उपेक्षा और अव्यवस्था का सामना कर रही थी, जबकि वर्ष 2017 के बाद यहां विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को नई गति मिली। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रदेश सरकार के प्रयासों को दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, भव्य श्रीराम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, विकसित घाट और सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं के विस्तार से अयोध्या धार्मिक पर्यटन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के नए केंद्र के रूप में उभर रही है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों के साथ शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज व्यापक जनभागीदारी और श्रद्धा का प्रतीक बन चुकी है। इस वर्ष भी दीप प्रज्वलन के माध्यम से नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को आस्था, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि प्रत्येक दीप प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रामनगरी के भव्य दीपोत्सव के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।