गूगल का बड़ा फैसला: माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल ने भी कर्मचारियों की संख्या और खर्च को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाया है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने कई देशों में कुछ कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के साथ स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है।
इन देशों में लागू हुई योजना
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने जून में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कुछ कर्मचारियों के लिए यह योजना शुरू की। कंपनी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 2025 में उसकी कुछ टीमों ने मुआवजे के साथ स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना शुरू की थी, जिसे इस साल जून में कुछ और देशों तक बढ़ाया गया। इससे पहले अमेरिका और ब्रिटेन में भी पिछले साल से कुछ विभागों में ऐसी योजनाएं चल रही हैं।
कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार इस योजना का मकसद भविष्य के अहम कामों के लिए संसाधनों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना है। कितने कर्मचारियों ने ऑफर स्वीकार किया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक 50 कर्मचारियों वाली एक टीम में कम से कम चार लोगों ने यह ऑफर स्वीकार किया।
एआई पर भारी निवेश के बीच खर्च घटाने की तैयारी
गूगल का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में तेजी से निवेश कर रही हैं। इस तकनीक और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च हो रहा है, जिसका असर निवेशकों की चिंताओं और अल्फाबेट के शेयरों पर भी पड़ा है। हाल की तिमाहियों में अल्फाबेट के कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ी है, लेकिन कंपनी अब संसाधनों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की ओर ले जाना चाहती है।
स्विट्जरलैंड में अधिकतम 12 महीने की सैलरी
स्विट्जरलैंड में गूगल के करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं। यहां कंपनी ने कई विभागों के कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया। प्रस्ताव के तहत कंपनी में काम किए गए हर साल के बदले एक महीने की सैलरी दी जानी थी, लेकिन अधिकतम सीमा 12 महीने की सैलरी तय थी। यानी 12 साल या उससे ज्यादा काम करने वाले कर्मचारियों को भी अधिकतम 12 महीने की ही सैलरी मिलनी थी।
माइक्रोसॉफ्ट ने भी दिया था ऑफर
गूगल से पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भी स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की थी। पिछले सप्ताह कंपनी ने अपने करीब 60 हजार कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के साथ नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया था।
किनके लिए है यह विकल्प
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक यह विकल्प उन कर्मचारियों के लिए है, जो अब कंपनी की कार्यशैली, काम की गति या भविष्य की दिशा के साथ खुद को सहज महसूस नहीं करते।
नोट: खबर रॉयटर्स की रिपोर्ट पर आधारित है। 12 महीने की सैलरी की सीमा स्विट्जरलैंड के प्रस्ताव के लिए बताई गई है, अन्य देशों की शर्तें अलग हो सकती हैं।