राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए उन्हें अपने आरोपों को गलत साबित करने की चुनौती दी और कहा कि कांग्रेस नेता के बयानों का लगातार जवाब दिया जाएगा। जयपुर में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि जोधपुर में दिए गए उनके बयान से गहलोत बौखला गए हैं।
उन्होंने कहा, ”मैंने जो कहा है, उसमें से एक भी बात गलत साबित करके दिखाइए।” मुख्यमंत्री ने गहलोत के कार्यकाल में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में कथित विवादित नियुक्ति, जल जीवन मिशन (जेजेएम) में घोटाले और भ्रष्टाचार के मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके आरोप सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित हैं। शर्मा ने अपने 34 महीने के शासन की तुलना कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल से करने की भी चुनौती दी।
गहलोत ने मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए 24 घंटे में दस्तावेजी सबूत देने या माफी मांगने की चुनौती दी थी। रैली में शर्मा ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, आपातकाल लगाने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। शर्मा ने ईवीएम पर कांग्रेस के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव हारने पर ही मशीनों पर सवाल उठाती है।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और मतदाता सूची को दुरुस्त रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। वैष्णव ने कांग्रेस पर जनता का विश्वास खोने और संसद में मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए राजनीति करने का आरोप भी लगाया।