भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ओडिशा में चक्रवात के बाद उत्पन्न स्थिति, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों तथा भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित करने को लेकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ राज्य में चक्रवात के बाद की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, आपदाओं के प्रभाव को कम करने और राज्य के बुनियादी ढांचे को अधिक आपदा प्रतिरोधी बनाने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया
चक्रवात अर्णव के असर से गंजाम में 7 नवंबर तक बंद रहेंगे सभी स्कूल
ब्रह्मपुर। चक्रवात अर्णव के कारण हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित गंजाम जिले में पुनर्बहाली कार्य तथा सुरक्षा तैयारियों को देखते हुए सभी स्कूल 7 नवंबर तक बंद रहेंगे। जिला शिक्षा कार्यालय, गंजाम (ब्रह्मपुर) की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले के प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के सभी शैक्षणिक संस्थान, चाहे वे किसी भी प्रबंधन के अधीन हों, इस अवधि में बंद रहेंगे। हालांकि, स्कूल बंद रहने के बावजूद सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अपने-अपने संस्थानों में उपस्थित रहने तथा सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।
कड़ी सुरक्षा के बावजूद आंध्र प्रदेश में मतदान करने पहुंचे कोटिया के मतदाता
भुवनेश्वर। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से विवादित कोटिया सीमा क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ओडिशा प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के बावजूद कोटिया क्षेत्र के बड़ी संख्या में मतदाता सीमा पार कर आंध्र प्रदेश के सारिका पहुंचे और वहां स्थानीय निकाय चुनाव में मतदान किया। इस घटनाक्रम ने ओडिशा के प्रशासनिक तंत्र और सीमा क्षेत्र में राज्य के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीमा क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित रखने और आंध्र प्रदेश की ओर से चुनावी गतिविधियां संचालित करने के प्रयासों को रोकने के लिए ओडिशा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की थी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने एक दिन पहले ही कोटिया ग्राम पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस की आठ अतिरिक्त प्लाटून तैनात करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई थी।
चित्रकोंडा के सीमावर्ती गांव में प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग
चित्रकोंडा। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच पंचायत चुनाव को लेकर जारी सीमा विवाद के मद्देनजर मालकानगिरि जिले के चित्रकोंडा ब्लॉक अंतर्गत जुंडांग गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आंध्र प्रदेश में पंचायत चुनाव को देखते हुए गांव में रातभर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही। इस दौरान बीजद के नेता भी कथित तौर पर पूरी रात गांव में मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने गांव के प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी। सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण गुरुवार सुबह से ग्रामीणों को गांव से बाहर आने-जाने में परेशानी होने की खबर है। चुनाव संबंधी गतिविधियों के मद्देनजर किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
ओडिशा में बदलेगा मौसम का मिजाज
भुवनेश्वर। ओडिशा में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर ने 6 नवंबर को राज्य के सभी 30 जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। वहीं, आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट से ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। आंतरिक और पहाड़ी इलाकों में ठंड का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकता है।
चक्रवात से नुकसान की भरपाई को ओडिशा ने केंद्र से 2,526 करोड़ मांगा
भुवनेश्वर। चक्रवात अर्णव और उसके बाद हुई भारी बारिश एवं बाढ़ से ओडिशा के प्रभावित जिलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से 2,526 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है। इसके साथ ही भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने और मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग भी की गई है।
राज्य के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। इस दौरान तत्काल राहत, पुनर्वास और पुनर्बहाली कार्यों के साथ-साथ आपदा से हुए नुकसान और केंद्रीय सहायता की आवश्यकता पर चर्चा हुई।