दिवाली पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग को लेकर निवेशकों के मन में सवाल है कि बाजार बंद रहेगा या खुलेगा? इस बार 8 नवंबर को मुहूर्त ट्रेडिंग का खास सत्र आयोजित होगा। जानिए किस समय शुरू होगी ट्रेडिंग और कितनी देर तक निवेशक शेयर खरीद-बिक्री कर सकेंगे।
रविवार, 8 नवंबर को आम दिनों की तरह बाजार बंद नहीं रहेगा, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित होगा। एक्सचेंजों के जारी शेड्यूल के मुताबिक, मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक होगी। वहीं, प्री-ओपन सेशन दोपहर 2:05 बजे शुरू होगा। इस विशेष सत्र के साथ संवत 2083 की शुरुआत होगी। आइए जानते हैं मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा टाइम टेबल, शुभ मुहूर्त और इस दौरान लागू होने वाले जरूरी नियम।
धनतेरस के पावन पर्व से ठीक एक दिन पहले भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों को बेहतरीन दिवाली गिफ्ट मिला। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के दम पर बाजार में बंपर तेजी दर्ज की गई है। लगातार चौथे सत्र में तूफानी बढ़त बनाते हुए सेंसेक्स 2000 से अधिक अंकों की जबरदस्त छलांग के साथ 79,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया, जिससे निवेशकों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।
धनतेरस से 1 दिन पहले शेयरों की दुनिया में मिडटर्म चुनाव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हार का जश्न जमकर मना। लगातार चौथे दिन भारतीय शेयर बाजारों में तेजी का माहौल है। इन चार दिनों में 4851 अंक चढ़ गया तो निफ्टी में भी 1482 अंकों की बढ़त रही।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2009 अंक बढ़कर 79310 पर पहुंच गया तो निफ्टी 576 अंकों की बढ़त के साथ 24537 पर था। सेंसेक्स 2.60 फीसदी चढ़ा तो निफ्टी में 2.40 फीसदी की बढ़त दिखाई दी। बाजार की इस तेजी में बैंकिंग, ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों ने सबसे ज्यादा दम दिखाया। बड़ी कंपनियों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी आज खरीदारी देखने को मिली।
कच्चे तेल में भारी गिरावट
अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में डोनाल्ड ट्रंप की करारी हार के बाद क्रूड के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतें दो महीने के निचले स्तर पर आ गईं। ब्रेंट क्रूड घटकर 96.06 पर पहुंचा। WTI क्रूड भी 88.59 डॉलर प्रति बैरल पर था। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत घटकर 107 डॉलर प्रति बैरल हुई।