धनतेरस 2026: हिंदू धर्म में धनतेरस को बेहद शुभ माना जाता है। इसी दिन से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होती है। इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि की पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है। सोने-चांदी के आभूषण और बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है।
खरीदारी के साथ कुछ खास यंत्रों को घर में स्थापित करने की परंपरा भी है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री यंत्र, गणेश यंत्र और कुबेर यंत्र में से किसी एक की स्थापना शुभ मानी जाती है। इनकी नियमित पूजा से आर्थिक परेशानियां दूर होने, करियर में तरक्की और जीवन में सकारात्मकता की कामना की जाती है।
श्री यंत्र: आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए
श्री यंत्र का संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता है। मान्यता है कि इसकी पूजा से घर में धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है। धनतेरस पर तांबे, चांदी या स्फटिक से बना श्री यंत्र खरीदा जा सकता है।
- दिशा: घर के मंदिर या उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में स्थापित करें।
- समय: शाम को प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की पूजा के बाद।
- मंत्र: ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का कम से कम 11 बार जाप करें।
गणेश यंत्र: करियर की बाधाएं दूर करने के लिए
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और बुद्धि के देवता माना जाता है। मान्यता है कि गणेश यंत्र घर में स्थापित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता की कामना पूरी होती है।
- जगह: घर के पूजा स्थल या मुख्य द्वार के पास।
- समय: धनतेरस पर सूर्यास्त के बाद पूजा के दौरान।
- मंत्र: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का 108 बार जाप करें।
माना जाता है कि इसकी पूजा से परिवार में सुख-शांति रहती है और नौकरी-कारोबार की परेशानियां दूर होने तथा बुद्धि और निर्णय क्षमता बेहतर होने की कामना की जाती है।
कुबेर यंत्र: धन और संपन्नता के लिए
भगवान कुबेर को धन का देवता और देवताओं का कोषाध्यक्ष कहा जाता है। धनतेरस पर उनकी पूजा का विशेष महत्व है और इस दिन कुबेर यंत्र स्थापित करना भी शुभ माना जाता है।
- दिशा: घर की उत्तर दिशा में।
- जगह: पूजा स्थल या घर की तिजोरी में।
- पूजा का तरीका: यंत्र को साफ स्थान पर रखकर दीपक जलाएं और कुबेर देव का ध्यान करें।
मान्यता है कि इसकी नियमित पूजा से धन-संपत्ति में वृद्धि, आर्थिक स्थिरता और कारोबार में तरक्की की कामना की जाती है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी इसे शुभ माना जाता है।
स्थापना करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- यंत्र को हमेशा साफ और पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
- पूजा के दौरान दीपक जलाएं और श्रद्धा के अनुसार मंत्रों का जाप करें।
- जरूरी नहीं कि तीनों यंत्र घर में रखे जाएं। अपनी आस्था और जरूरत के अनुसार किसी एक यंत्र की भी स्थापना की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। इसकी सटीकता का दावा नहीं किया जाता। पूजा और स्थापना का सही समय शहर के पंचांग से जरूर जांच लें।