कांकेर जिले में बिजली विभाग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय में त्योहार के मौके पर मिठाई के डिब्बों की जगह शराब की बोतलें बांटे जाने का आरोप लगा है।
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले का खुलासा करते हुए विभाग में अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शराब की बोतलों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
मामला कांकेर जिला मुख्यालय स्थित विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय का है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि त्योहार के अवसर पर अधिकारियों को उपहार के तौर पर मिठाई के डिब्बों की जगह शराब की बोतलें दी जा रही थीं। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं और प्रशासन से शिकायत करने की बात कही है। आरोपों के सामने आने के बाद विभाग में हलचल मच गई है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना पहुंचाया। इसके बाद विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। पुलिस ने कार्यालय से मिली शराब की बोतलों को जब्त कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
वहीं, विद्युत विभाग के अधिकारी ने कार्यालय में शराब की बोतलें मिलने को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि कार्यालय में शराब की बोतलें कहां से आईं। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई और इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। उन्होंने पुलिस के इस व्यवहार को अशोभनीय बताया।
फिलहाल कांकेर के बिजली विभाग में शराब की बोतलें मिलने का मामला चर्चा में है। कांग्रेस ने इसे विभागीय अनियमितता से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि संबंधित अधिकारी ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस ने शराब की बोतलें जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कार्यालय में शराब की बोतलें कैसे पहुंचीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।