अब क्वांटम मैकेनिक्स और रोबोटिक्स जैसे विषय पढ़ाये जाएंगे आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा में

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 03 Apr 2022 02:04 PM
अब क्वांटम मैकेनिक्स और रोबोटिक्स जैसे विषय पढ़ाये जाएंगे आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा में
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नयी दिल्ली. आयुर्वेद चिकित्सा में स्रातक डिग्री पाठ्यक्रम के छात्रों को अब क्वांटम मैकेनिक्स, सामान्य सर्जरी, योग और जीवनशैली प्रबंधन जैसे विषय पढ़ाये जाएंगे. साथ ही, छात्रों को रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग की बुनियादी जानकारी भी दी जायेगी.

भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) के अध्यक्ष डा. जयंत यशवंत देवपुजारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बताया, ‘‘आयोग ने हाल में अधिसूचना जारी कर स्रातक आयुर्वेद शिक्षा के न्यूनतम मानक तय किए हैं. इसके तहत आयुर्वेदिक औषधि एवं सर्जरी में स्रातक कोर्स का खाका तैयार किया गया है.’’ उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा में स्रातक डिग्री कोर्स के तहत प्रथम व्यावसायिक पाठ्यक्रम बीएएमएस में पदार्थ विज्ञान विषय में क्वांटम मैकेनिक्स को शामिल किया गया है.

क्वांटम मैकेनिक्स भौतिकी का उपखंड है. इस विषय को आयुर्वेद में शामिल किये जाने के बारे में पूछे जाने पर देवपुजारी ने कहा, ‘‘ पदार्थ विज्ञान के तहत क्वांटम मैकेनिक्स शामिल किया गया है. इसका प्रैक्टिकल उपयोग है, यह दर्शन नहीं है. आयुर्वेद में सैकड़ों वर्षों से इसका उल्लेख है. ऐसे में इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. ’’ एनसीआईएसएम के अध्यक्ष ने कहा कि आयोग भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी विकास का ढांचा तैयार करना चाहती है और इस उद्देश्य के लिये एक ‘‘बहुविषयक समिति’’ का गठन किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि यह समिति जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी, गणित, माइक्रो बायोलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायो इंफार्मेटिक्स जैसे विषयों में नवाचार एवं नये घटनाक्रमों पर विचार विमर्श करेगी. देवपुजारी ने कहा कि समिति रोग पहचान एवं जांच के तरीकों, सर्जरी की तकनीक, शिक्षण एवं प्रशिक्षण उपायों, अनुसंधान एवं उपकरणों के मानदंड, साफ्टवेयर, उपचार प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्र पर विभिन्न पक्षकारों के साथ विचार विमर्श करेगी और इनमें सुधार के उपाए सुझायेगी.

आयोग के दस्तावेज के अनुसार, आयुर्वेद में बीएएमएस पाठ्यक्रम में तीन सेमेस्टर होंगे, जो 18-18 महीने के होंगे तथा अनिवार्य इंटर्नशिप 12 महीने का होगा. दस्तावेज के मुताबिक, बीएएमएस पाठ्यक्रम में मुख्य कोर्स और ऐच्छिक पाठ्यक्रम शामिल होंगे. छात्रों को अन्य विषयों के साथ-साथ आयुर्वेद के लिए संस्कृत की बुनियादी शिक्षा और बुनियादी जीवन सहायता एवं प्राथमिक चिकित्सा की शिक्षा भी दी जाएगी.

इसमें कहा गया है कि पाठ्यक्रम में पदार्थ विज्ञान विषय के तहत आयुर्वेद के बुनियादी सिद्धांत और क्वांटम मैकेनिक्स पढ़ाया जाएगा. इसके अलावा, जीवन शैली प्रबंधन, प्रसूति विज्ञान एवं स्त्री रोग विज्ञान जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे. पाठ्यक्रम में छात्रों को सामान्य सर्जरी की जानकारी भी दी जाएगी.

इंदौर में फिजियोलॉजी संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोहर भंडारी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया, आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेन्द्र ंिसह को पत्र लिखकर भारतीय भाषाओं में चिकित्सा शिक्षा का नूतन पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया था.

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