कीव/वॉरसा. रूस की एक मिसाइल सोमवार तड़के यूक्रेन के दक्षिण में स्थित एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास गिरी. इससे संयंत्र के तीनों रिएक्टर को तो कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन अन्य औद्योगिक उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए. देश के परमाणु ऊर्जा संचालक ‘एनरगोएटम’ ने इस हमले की ंिनदा करते हुए इसे ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया.
‘एनरगोएटम’ ने कहा कि सोमवार को तड़के एक मिसाइल दक्षिणी माइकोलैव क्षेत्र में एक औद्योगिक परिसर में आकर गिरी जहां पिवदेनौयूक्रेंस्क परमाणु संयंत्र स्थित है. उसने कहा कि मिसाइल संयंत्र से सिर्फ 300 मीटर दूर गिरी जिस वजह से विस्फोट हुआ और परिसर में स्थित इमारतों की 100 से ज्यादा खिड़कियों के शीशे टूट गए.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले हफ्ते यूक्रेन के अहम बुनियादी ढांचे पर हमले तेजÞ करने का संकेत दिया था, क्योंकि उनकी फौज को युद्ध में झटके लग रहे हैं. यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने घटना का ब्लैक एंड व्हाइट सीसीटीवी फुटेज जारी किया है जिसमें दिख रहा है कि एक के बाद एक दो मिसाइलें गिरती हैं और उनमें विस्फोट होता है. ‘एनरगोएटम’ और मंत्रालय दोनों ने ही इसे ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया है.
इस मामले पर न ही रूस के रक्षा मंत्रालय और न ही संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने तत्काल कोई टिप्पणी की है. ‘एनरगोएटम’ ने कहा कि हमले की वजह से नजÞदीक ही स्थित पनबिजली संयंत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है लेकिन परमाणु संयंत्र के रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
यह यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है. देश का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र जैपोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र है जो यूरोप में भी सबसे बड़ा है और इसपर रूस ने जंग के शुरुआती दिनों में ही कब्जा कर लिया था. रूस की सेना अन्य स्थलों पर भी हमले जारी रखे हुए. यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार को कहा कि ताजा गोलाबारी में कम से कम आठ नागरिक मारे गए और 22 अन्य घायल हो गए.
राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि रात में रूस ने नीपर नदी के पास बसे दो शहरों को निशाना बनाया जिसमें दर्जनों इमारतों को नुकसान पहुंचा है और निकोपोल और मारहानेत्स के कुछ इलाकों में बिजली गुल हो गई है. खारकीव के गवर्नर ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि रूसी हमलों के दौरान खारकीव क्षेत्र में एक मनोरोग अस्पताल को खाली कराने का प्रयास कर रहे चार चिकित्सकों की मौत हो गई. हमले में दो मरीज घायल भी हो गए. राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, रूस ने पूर्वी डोनत्सक क्षेत्र में क्रामातोर्स्क और टोरेत्स्क में भी हमला किया है.
बाल्टिक देशों ने रूसियों के लिए अपनी सीमाएं बंद की
रूस के पड़ोसी तीन बाल्टिक देशों ने सोमवार से रूसियों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर दीं. इन देशों ने यह कदम यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले का वहां मिल रहे जनसमर्थन के जवाब में उठाया है. इस महीने की शुरुआत में लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया और पोलैंड के प्रधानमंत्रियों की हुई बैठक में सीमा बंद करने का फैसला लिया गया था जिनकी सीमा बाल्टिक सागर में रूसी एंक्लेव कालिनिनग्राद से लगती है और यह लिथुआनिया एवं पोलैंड से घिरा है. उन्होंने कहा कि इस कदम से यूरोपीय संघ के तीनों देशों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
लिथुआनिया की गृह मंत्री एग्ने बिलोटाइट ने सोमवार को कहा, ‘‘रूस आक्रमक और ऐसा देश है जिसके बारे में पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है. रूस की तीन चौथाई जनता युद्ध का समर्थन कर रही है. यह अस्वीकार्य है कि जो लोग युद्ध का समर्थन कर रहे हैं वे आजादी से दुनिया में और लिथुआनिया में यात्रा कर सके.’’