पहलवान यौन उत्पीड़न मामला: अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को 18 जुलाई को तलब किया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 07 Jul 2023 10:29 PM
पहलवान यौन उत्पीड़न मामला: अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को 18 जुलाई को तलब किया
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नयी दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद एवं भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को 18 जुलाई को तलब किया है. अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मामले को आगे बढ.ाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) हरजीत सिंह जसपाल ने बृजभूषण को 18 जुलाई को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया. अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को भी तलब किया.

न्यायाधीश ने कहा, ”पुलिस रिपोर्ट और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए पीड़ितों के बयानों को देखने से पता चलता है कि आरोप विशिष्ट प्रकृति के हैं, और इनसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत अपराध का संदेह होता है. अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची दाखिल कर दी गई है.”

न्यायाधीश ने कहा, ”दलीलें सुनने के बाद और पुलिस रिपोर्ट, उसके साथ संलग्न दस्तावेजों पर ध्यानपूर्वक विचार करने के बाद यह अदालत आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज अपराधों का संज्ञान लेती है. इन दस्तावेजों में पीड़ितों, अन्य गवाहों और अन्य मौखिक तथा दस्तावेजी साक्ष्य आदि शामिल हैं.” इसने कनॉट प्लेस थाने के प्रभारी को दोनों आरोपियों के खिलाफ समन को तामील कराने का निर्देश दिया.

न्यायाधीश ने कहा कि वह इस बात पर गौर करते हुए कि दोनों आरोपी दिल्ली में ही रहते हैं, उन्हें अदालत में पेश होने के लिए कम समय दे रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल), 354 ए (यौन उत्पीड़न), 354 डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत 15 जून को आरोपपत्र दायर किया था.

तोमर पर आईपीसी की धाराओं 109 (किसी अपराध के लिए उकसाना), 354, 354ए और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध का आरोप लगाया गया था. वर्तमान मामले के अलावा, एक नाबालिग पहलवान द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सिंह के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी. वह उन सात महिला पहलवानों में शामिल थीं, जिन्होंने सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

दिल्ली की एक अदालत ने एक नाबालिग पहलवान के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने के लिये पुलिस की ओर से दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट पर ”पीड़िता” और शिकायतकर्ता से चार जुलाई को जवाब मांगा था.
दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए 15 जून को अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल की थी.

सरकार ने पहले ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और ओलंपियन विनेश फोगाट सहित आंदोलनकारी पहलवानों को आश्वासन दिया था कि 15 जून तक आरोप पत्र दायर किया जाएगा, जिसके बाद उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था.
वे नाबालिग समेत सात महिला पहलवानों का उत्पीड़न करने के आरोप को लेकर सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.

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