नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक को ‘अवसरवादियों और सत्ता के भूखे’ नेताओं की बैठक करार देते हुए सोमवार को कहा कि इस तरह के गठबंधन से वर्तमान या भविष्य में देश का कोई भला नहीं होगा. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवाल किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विपक्ष का चेहरा कौन होगा. उन्होंने इसे लेकर विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि वे बिना ‘दूल्हा के बारात’ निकाल रहे हैं.
प्रसाद ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मजाक उड़ाया और कहा कि वह बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के बजाय बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेने गए हैं. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने दिल्ली में बाढ़ की स्थिति के दौरान केजरीवाल सरकार के ‘कुप्रबंधन’ या पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा पर एक शब्द भी नहीं कहा, जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है.
प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, ”बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक अवसरवादियों और सत्ता के भूखे नेताओं की बैठक है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”इस तरह का गठबंधन न तो भारत के वर्तमान के लिए अच्छा है और न ही इसके भविष्य के लिए.” कांग्रेस, आप और तृणमूल कांग्रेस सहित 26 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के सोमवार से बेंगलुरु में दो दिवसीय मंथन सत्र में भाग लेने की उम्मीद है. विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर काम शुरू कर सकते हैं और संयुक्त रूप से अभियान शुरु करने की घोषणा कर सकते हैं.
प्रसाद ने कहा, ”यह बहुत दुखद है कि केजरीवाल बेंगलुरु में विपक्ष की बैठक में हिस्सा लेने ऐसे समय में गए हैं, जब दिल्ली में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”अरविंद केजरीवाल जी, यहां मैदान में रहना और दिल्ली में बाढ़ प्रभावित लोगों के आंसू पोंछना आपका काम था. आपको यह सुनिश्चित करने के लिए यहां होना चाहिए था कि व्यवस्था दुरुस्त रहे, लोगों को राहत मिले, लेकिन आप बेंगलुरु चले गए.” भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल में हाल ही में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा पर वाम दलों की चुप्पी पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, ”भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कांग्रेस और वाम दलों के कार्यकर्ता भी हिंसा में मारे गए. कांग्रेस पार्टी बंगाल हिंसा पर कुछ क्यों नहीं बोलती. सीताराम येचुरी (माकपा नेता) प्रधानमंत्री मोदी से लोकतंत्र का हिसाब मांगते रहते हैं. वह बंगाल में पंचायत चुनाव हिंसा पर कुछ क्यों नहीं बोलते?” उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के ‘तथाकथित’ गठजोड़ ने सार्वजनिक जीवन में सुशासन और सत्यनिष्ठा के मुद्दों को ‘पूरी तरह से’ दरकिनार कर दिया है.
विपक्षी गठबंधन भानुमति का कुनबा, न नेता है, ना ही कोई नीति: नड्डा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) देशहित पर आधारित है और इसका लक्ष्य सेवा करना है, जबकि विपक्षी दलों के गठबंधन की बुनियाद ‘स्वार्थ’ पर टिकी है तथा उसके पास न तो कोई नेता है, न कोई नीति है और ना ही निर्णय लेने की कोई क्षमता.
राजग की मंगलवार को होने वाली बैठक से एक दिन पहले यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”आज राजग के प्रति लोगों का आकर्षण बढ.ा है. यह एक आदर्श गठबंधन है. यह सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए गठबंधन है. यह गठबंधन भारत को मजबूत बनाने के लिए है.” उन्होंने कहा कि राजग की मंगलवार शाम होने वाली बैठक में 38 दलों ने शामिल होने की पुष्टि की है.
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को ‘भानुमति का कुनबा’ करार दिया और कहा, ”ये ऐसा गठबंधन है, जिसके पास न तो नेता है और न ही नीयत है, न नीति है और न ही फैसला लेने की ताकत है. यह 10 साल की संप्रग सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों का टोला है.” राजग ने यह बैठक ऐसे समय में बुलाई है, जब बेंगलुरू में करीब 26 विपक्षी पार्टियां आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को पराजित करने की रणनीति बनाने के लिए मंगलवार को बैठक करने वाली हैं.
एक तरफ ‘जांचा परखा खरा गठबंधन” तो दूसरी तरफ “कांग्रेस की बेवफ.ाई का बन्धन” है: नकवी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्षी दलों की बैठक को लेकर कटाक्ष करते हुए सोमवार को कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाला ‘जांचा-परखा गठबंधन’ है तो दूसरी तरफ ‘कांग्रेस की बेवफाई वाला बंधन’ है. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस के हाथ में ‘बेवफाई का खंजर’ भी है जिससे क्षेत्रीय दलों को सावधान रहना चाहिए.
नकवी ने कहा कि “सपना एक, मुंगेरी अनेक के अंर्तिवरोध के अखाड़े में एकता का नगाड़ा टांय-टांय फिस्स होगा.” उनके मुताबिक, एक तरफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला “जांचा परखा खरा गठबंधन” है, दूसरी तरफ “कांग्रेस की बेवफ.ाई का बन्धन” है.
उन्होंने कहा, ”जो क्षेत्रीय राजनीतिक दल आज कांग्रेस का हाथ थामने की कोशिश में लगे हैं उन्हें याद रखना चाहिए कि कांग्रेस हमेशा से ही क्षेत्रीय दलों को “राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा” बताती रही है जबकि भाजपा क्षेत्रीय दलों को “क्षेत्रीय आकाँक्षाओं और राष्ट्रीय हितों की ताकत” मानती है.”