लोकसभा ने छत्तीसगढ़ से संबंधित संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक को मंजूरी दी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 01 Aug 2023 07:14 PM
लोकसभा ने छत्तीसगढ़ से संबंधित संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक को मंजूरी दी

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. लोकसभा ने मंगलवार को ‘संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक, 2023’ को मंजूरी दे दी जिसमें छत्तीसगढ़ में महरा तथा महारा समुदायों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है. विधेयक पर सदन में हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित समाज के आखिरी पायदान पर खड़ लोगों के लिए पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अनेक कदम उठाये हैं.

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की सूचियों में संशोधन करने की एक प्रक्रिया होती है. इसमें राज्यों से सिफारिशें आती हैं तथा इस पर कई स्तरों पर विचार करने के बाद प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष भेजा जाता है. छत्तीसगढ़ में महरा तथा महारा समुदायों से संबंधित इस विधेयक के बारे में कुमार ने कहा कि इसके अमल में आने पर इन समुदाय के बच्चे मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे और सरकार की कल्याण योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे.

मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ‘संविधान अनुसूचित जातियां आदेश संशोधन विधेयक, 2023’ को मंजूरी दे दी. इस दौरान विपक्षी सदस्य मणिपुर के मुद्दे पर शोर-शराबा कर रहे थे. इससे पहले, विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा में हिस्सा लेते हुए भारतीय जनता पार्टी की संध्या राय ने कहा कि इस विधेयक को संविधान अनुसूचित जातियां आदेश 1950 में संशोधन करने के उद्देश्य से लाया गया.
उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के महरा तथ महारा समुदायों को लाभ होगा.

चर्चा में हिस्सा लेते हुए वाईएसआर कांग्रेस की जी माधवी ने कहा कि यह विधेयक महत्वपूर्ण है और ऐसे कदम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्गो के सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए अहम हैं. बहुजन समाज पार्टी की संगीता आजाद ने कहा कि यह विधेयक महत्वपूर्ण है लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि इनका लाभ जमीन तक पहुंचे.

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 341 के खंड (1) के उपबंधों के अनुसार, विभिन्न राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के संबंध में अनुसूचित जातियों से संबंधित छह राष्ट्रपतीय आदेश जारी किये गए थे. संविधान के अनुच्छेद 341 के खंड (2) के अधीन संसद के अधिनियमों द्वारा समय-समय पर इन आदेशों को संशोधित किया गया है.

इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने अनुसूचित जातियों की सूची में महरा और महारा समुदायों को सम्मिलित करने का प्रस्ताव किया है. भारत के महापंजीयक तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है.
इसमें कहा गया है कि उपरोक्त परिवर्तन को प्रभावी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के संबंध में संविधान अनुसूचित जातियां आदेश 1950 में संशोधन करना आवश्यक है. विधेयक के वित्तीय ज्ञापन में कहा गया है कि विधेयक छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जातियों की सूची में ‘महरा’ और ‘महारा’ समुदाय को सम्मिलित करने के लिए है.

By Yogesh Kumar Sahu