लद्दाख की जनता के मुद्दों को संसद में उठाऊंगा, उनकी राजनीतिक आवाज दबाई जा रही है : राहुल गांधी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 25 Aug 2023 08:27 PM
लद्दाख की जनता के मुद्दों को संसद में उठाऊंगा, उनकी राजनीतिक आवाज दबाई जा रही है : राहुल गांधी

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नयी दिल्ली/करगिल. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लद्दाख के लोगों के मुद्दों को संसद में उठाने का शुक्रवार को संकल्प जताया और आरोप लगाया कि उनकी (लद्दाख के लोगों की) “राजनीतिक आवाज” को दबाया जा रहा है और रोजगार को लेकर केंद्र सरकार के वादे “झूठे” निकले हैं. गांधी पिछले एक सप्ताह से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दौरे पर हैं.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम पर परोक्ष तौर पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”मैं लद्दाख के कोने-कोने में गया और युवाओं, माताओं-बहनों और ग.रीब लोगों से बात की. दूसरे नेता हैं जो सिर्फ अपने ‘मन की बात’ करते हैं, मैं आपके ‘मन की बात’ सुनना चाहता हूं.” गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर किये पोस्ट में कहा, ”चीन ने हिंदुस्तान की हज.ारों किलोमीटर जमीन छीन ली है. प्रधानमंत्री इस बात को नकार कर झूठ बोल रहे हैं, ये लद्दाख का हर व्यक्ति जानता है.”

उन्होंने कहा, ”लद्दाख के मुख्य मुद्दे हैं – यहां के लोगों की राजनीतिक आवाज. दबाई जा रही है, रोजग़ार के लिए सरकार के सभी वादे झूठे निकले और, मोबाइल नेटवर्क और हवाई संपर्क की कमी. अगले सत्र में, इन सभी मुद्दों को संसद में उठाऊंगा. इस स्वागत और मोहब्बत के लिए, लद्दाख को बहुत बहुत धन्यवाद.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”भारत जोड़ो यात्रा को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी लद्दाख के लोगों से मिले. यात्रा की भावना के अनुरूप उन्होंने उनकी (लद्दाख के लोगों की) मन की बातें सुनीं. इन समस्याओं को सुनकर स्पष्ट होता है कि मोदी सरकार ने लद्दाख को उसके हाल पर छोड़ दिया है. जिन नेताओं को केवल अपने मन की बात में दिलचस्पी है, वे कभी भी जनता की आवाज को सुनने नहीं देंगे.”

गांधी 17 अगस्त को लद्दाख पहुंचे थे. अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर से अलग होने और इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने के बाद से यह इस क्षेत्र का उनका पहला दौरा है. पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा रद्द किये जाने के बाद लद्दाख को भी केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था.

बृहस्पतिवार को कारगिल पहुंचने से पहले गांधी ने अपनी मोटरसाइकिल पर पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंगला टॉप, लामायुरू और ज.ांस्कर सहित लद्दाख के कई हिस्सों का दौरा किया. गांधी शुक्रवार को द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचे और पाकिस्तान के साथ 1999 के युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

करगिल सिर्फ एक जगह नहीं, वीरता की एक गाथा है: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को द्रास में करगिल युद्ध स्मारक का दौरा किया और पाकिस्तान के साथ 1999 के युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. यह स्मारक 434 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर और द्रास नगर में स्थित है.

गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ”करगिल सिर्फ एक जगह नहीं है, यह वीरता की गाथा है. यह वह भूमि है जहां हमारे कई सैनिकों ने सेवा की और यहां उनके साहस और बलिदान की गूंज है. यह भारत का गौरव है और सभी भारतीयों को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास है. मैं करगिल युद्ध के सभी बहादुर सैनिकों और शहीदों को नमन करता हूं.”

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 के करगिल युद्ध की याद में द्रास शहर में बने स्मारक पर श्रद्धांजलि देते हुए अपनी कई तस्वीरें भी साझा कीं. गांधी ने श्रीनगर के रास्ते में स्थित युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से पहले करगिल में एक जनसभा के साथ अपने नौ दिवसीय लद्दाख दौरे का समापन किया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता असगर अली करबलाई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कार से कश्मीर जाने के लिए शहर छोड़ने से पहले गांधी ने द्रास के स्थानीय निवासियों से मुलाकात भी की.

गांधी शुरुआत में 17 अगस्त को दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपने प्रवास को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया और अपनी मोटरसाइकिल से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लगभग सभी महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया. वह अपनी मोटरसाइकिल से लेह से पैंगोंग झील, नुब्रा, खारदुंगला टॉप, लामायुरू, ज.ंस्कार और करगिल तक गए. हालांकि, उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी और श्रीनगर के लिए एक कार में सवार हो गए, जहां वह एक निजी दौरे पर होंगे और शनिवार को उनकी मां सोनिया गांधी भी उनके साथ रहेंगी.

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By Yogesh Kumar Sahu