इस्लामाबाद. पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने एक नवंबर से अफगान शरणार्थियों सहित अवैध विदेशियों को वापस भेजने या देश से निष्कासित करने के सरकार के फैसले का मंगलवार को समर्थन किया. पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने आदेश दिया है कि 31 अक्टूबर तक 17 लाख अफगान शरणार्थियों सहित हजारों बिना दस्तावेज के आए अप्रवासी देश छोड़ दें या कैद, निष्कासन या जबरन वापस भेजने की कार्रवाई के लिए तैयार रहें. सरकार ने एक नवंबर से उग्रवाद और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है.
सेना ने एक बयान में बताया कि रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय में 260वें कोर कमांडर के हुए सम्मेलन में पाकिस्तानी सेना के शीर्ष नेतृत्व ने एक नवंबर से अवैध विदेशियों को वापस भेजने और निष्कासित करने के संघीय सरकार के फैसले का पूरी तरह से समर्थन करने का संकल्प लिया. सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को फैसले पर अमल और अवैध विदेशियों के सम्मानजनक और सुरक्षित वापसी में सहयोग करने का निर्देश दिया गया.