अयोध्या. अयोध्या में मंगलवार को सरयू नदी में पवित्र स्नान करने के बाद चौदह कोसी परिक्रमा में भाग लेने के लिए लगभग 30 लाख लोग अयोध्या में एकत्र हुए. तड़के शुरू हुई परिक्रमा में श्रद्धालु अयोध्या की लगभग 50 किलोमीटर की परिधि का चक्कर लगाते हैं. यह परिक्रमा बृहस्पतिवार सुबह तक पूरी हो जाएगी.
हनुमान गढ़ी मंदिर से जुड़े वरिष्ठ संत तथा महंत धनीधर दास ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि शास्त्रों के अनुसार यह माना जाता है कि इस चौदह कोसी परिक्रमा में केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि 33 करोड़ देवी-देवता भी अयोध्या आकर परिक्रमा करते हैं. दास ने कहा कि हर साल कार्तिक अक्षय नवमी की तिथि पर अयोध्या में होने वाली चौदह कोसी परिक्रमा करने के लिये 30 लाख श्रद्धालुओं के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, मथुरा, वाराणसी और हिंदू भक्ति की पवित्र पीठ यानी सभी सात पुरियों से लगभग दो लाख संत अयोध्या आते हैं.
ऐसा माना जाता है कि अक्षय नवमी के दिन किया गया कार्य कभी समाप्त नहीं होता है, इसलिए इस दिन लोग धार्मिक अनुष्ठान, पूजा, व्रत और दान करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यही कारण है कि देशभर से लाखों श्रद्धालु परिक्रमा के लिए अयोध्या पहुंचे हैं. महंत दास ने बताया कि अगली पंच कोसी परिक्रमा बृहस्पतिवार शाम को शुरू होगी जिसमें श्रद्धालु पवित्र शहर की लगभग 15 किलोमीटर की परिधि में पैदल यात्रा करेंगे.
उन्होंने बताया कि परिक्रमा को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर.के. नैय्यर ने बताया कि परिक्रमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिविल पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है और परिक्रमा क्षेत्र की सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए करीब दो सौ स्थानों पर क्लोज र्सिकट टीवी कैमरे लगाए गए हैं.
उन्होंने बताया कि पूरे परिक्रमा क्षेत्र को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया है, जिसकी निगरानी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी करेंगे और दो मुख्य सुरक्षा क्षेत्रों के लिए अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं. नैय्यर ने बताया कि खुफिया विभाग के र्किमयों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते भी विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं पर तैनात किये गये हैं.