कोलकाता. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता के समर्थकों द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर किए गए हमले की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि ”लोकतंत्र में बर्बरता और गुंडागर्दी को रोकना एक सभ्य सरकार का कर्तव्य है.” बोस ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है और पुलिस को नसीहत दी कि वह चारों ओर अराजकता नहीं दिखने का अपना ”शुतुरमुर्ग जैसा रवैया” छोड़े.
संदेशखाली इलाके में ईडी अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के र्किमयों पर उस समय हमला किया गया जब वे राशन वितरण घोटाले के संबंध में तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां के आवास पर छापा मारने जा रहे थे. प्रवर्तन निदेशालय के कम से कम दो व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
बोस ने संदेशखाली में कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा और आज शाम राजभवन में मुख्य सचिव बी पी गोपालिका, गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को तलब किया. तृणमूल कांग्रेस सरकार को एक सख्त संदेश देते हुए बोस ने कहा, ”एक राज्यपाल के रूप में, मैं उचित तरीके से उचित कार्रवाई के लिए अपने सभी संवैधानिक विकल्प तलाश रहा हूं.”
बोस ने राजभवन से जारी एक ऑडियो संदेश में कहा, “संदेशखाली में हुई भयावह घटना चिंताजनक और निंदनीय है. लोकतंत्र में बर्बरता और गुंडागर्दी को रोकना एक सभ्य सरकार का कर्तव्य है.” बोस ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है और ”जंगल राज और गुंडा राज” नहीं चलेगा.
राज्यपाल ने कहा कि सरकार को अपनी आंखें खोलनी चाहिए और वास्तविकता को देखना चाहिए तथा प्रभावी ढंग से कार्य करना चाहिए या परिणाम भुगतने चाहिए. उन्होंने कहा, ”आसपास अराजकता न देखने का दिखावा करने वाली पुलिस का शुतुरमुर्ग जैसा रवैया खत्म होना चाहिए… यह चुनाव पूर्व हिंसा है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इसका जल्द अंत होना चाहिए.”
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कुछ अधिकारियों पर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने शुक्रवार को हमला कर दिया और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की. अधिकारी राशन वितरण घोटाले की जांच के संबंध में शाहजहां के उत्तर 24 परगना जिला स्थित आवास पर छापा मारने पहुंचे थे. शाहजहां को राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का करीबी माना जाता है, जिसे घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था.