नयी दिल्ली/कंपाला. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मालदीव के साथ विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं के कार्यान्वयन सहित अपने विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के 15 मार्च तक अपने देश से भारतीय सैन्यर्किमयों को वापस बुलाने के आ”ान के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव के बीच आई है.
उन्होंने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल पर कहा, ”हम अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम मालदीव के महत्वपूर्ण विकास भागीदार रहे हैं.” जायसवाल ने कहा, ”हम मालदीव के विकास भागीदार के रूप में वह सभी चीजें करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हम कर सकते हैं.” मालदीव द्वारा भारतीय सैनिकों की वापसी पर जोर देने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले पर भारत-मालदीव कोर ग्रुप की दूसरी बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा. कोर ग्रुप की अगली बैठक अगले महीने की शुरुआत में नयी दिल्ली में होने वाली है. माले में 14 जनवरी को कोर ग्रुप की पहली बैठक में भारतीय सैन्यर्किमयों के मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई.
विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद एक बयान में कहा, ”दोनों पक्षों ने मालदीव के लोगों को मानवीय और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाले भारतीय विमानन प्लेटफॉर्म के निरंतर संचालन को सक्षम करने के लिए पारस्परिक रूप से व्यावहारिक समाधान खोजने पर चर्चा की.” भारत-मालदीव संबंधों में तनाव पैदा हो गया, क्योंकि चीन समर्थक नेता के रूप में देखे जाने वाले मुइज्जू ने नवंबर में राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वह भारतीय सैन्यर्किमयों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे.
कतर की जेल में बंद आठ पूर्व भारतीय नौसैन्यर्किमयों के मामले में पूछे जाने पर, जायसवाल ने कहा कि हाल में दोहा में भारतीय दूतावास को राजनयिक पहुंच प्रदान किया गया था.
उन्होंने कहा, ”हमारे राजदूत ने दूतावास के अधिकारियों के साथ हिरासत में लिये गए आठ भारतीयों से मुलाकात की. कानूनी टीम याचिका के पहलुओं पर गौर कर रही है.” कतर की अपीलीय अदालत ने 28 दिसंबर को भारतीयों को दी गई मौत की सजा को कम कर दिया और उन्हें अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई, जिसके कुछ हफ्ते बाद उनके परिवार के सदस्यों ने एक अन्य अदालत के पहले के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी.
मालदीव के अपने समकक्ष जमीर के साथ जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों पर ‘स्पष्ट बातचीत’ की
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यहां मालदीव के अपने समकक्ष मूसा जमीर से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर ह्लस्पष्ट बातचीतह्व की. युगांडा की राजधानी कंपाला में जयशंकर और जमीर के बीच बैठक भारत और मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों में हाल की खटास के बीच हुई. जयशंकर शुक्रवार से शुरू हो रहे गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) के दो-दिवसीय शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए कंपाला में हैं.
बैठक की एक तस्वीर साझा करते हुए जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ह्लआज कंपाला में मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर से मुलाकात हुई. भारत-मालदीव संबंधों पर खुलकर बातचीत हुई. एनएएम से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई.ह्व जमीर ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एनएएम शिखर सम्मेलन के दौरान जयशंकर से मिलना खुशी की बात थी.
उन्होंने लिखा, ह्लहमने भारतीय सैन्यर्किमयों की वापसी के साथ-साथ मालदीव में चल रही विकास परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी लाने और दक्षेस तथा एनएएम के भीतर सहयोग पर चल रही उच्च-स्तरीय चर्चा पर विचारों का आदान-प्रदान किया.ह्व मालदीव के मंत्री ने लिखा, ह्लहम अपने सहयोग को और मजबूत और विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.ह्व उन्होंने इस मुलाकात की एक तस्वीर भी पोस्ट की.
भारत-मालदीव संबंधों में हाल में कुछ तनाव आ गया, क्योंकि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने नवंबर में राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वह भारतीय सैन्यर्किमयों को अपने देश से बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे. मुइज्जू को व्यापक रूप से चीन समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है. इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया पर तब विवाद खड़ा हो गया, जब मालदीव के एक मंत्री और कुछ अन्य नेताओं ने लक्षद्वीप के एक समुद्र तट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक वीडियो पोस्ट करने के बाद उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.