नयी दिल्ली. दक्षिणी दिल्ली के हौज खास इलाके में 14 वर्षीय लड़के को उसके तीन दोस्तों ने कथित तौर पर जूते चाटने और ”अप्राकृतिक यौन संबंध” बनाने के लिए मजबूर किया. आरोपी लड़कों ने इस कृत्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. इसने बताया कि घटना रविवार रात सामने आई, जब किसी ने पीड़ित की मां को वीडियो भेजा, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया. इससे पहले पुलिस ने कहा था कि पीड़ित की मां को संबंधित वीडियो एक आरोपी ने भेजा था.
पुलिस ने कहा कि वीडियो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया है, जिसमें आरोपियों ने पीड़ित लड़के से चाकू की नोक पर पहले अपने जूते चटवाए और फिर उसे ”अप्राकृतिक यौन कृत्य” करने के लिए मजबूर किया. एक अधिकारी ने कहा, ”रविवार रात एक पीसीआर कॉल मिलने पर स्थानीय पुलिस उस स्थान पर पहुंची जहां कॉल करने वाली महिला ने कहा कि कुछ लड़कों ने उनके 14 वर्षीय बेटे के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया था और उनके मोबाइल फोन पर यह वीडियो भेजा गया.” पुलिस लड़के को चिकित्सा जांच और फिर परामर्श के लिए लेकर गई.
अधिकारी ने कहा कि पीड़ित के अनुसार, वह हौज खास के सेंट्रल पार्क में खेलने के बाद शनिवार शाम करीब साढ.े छह बजे घर जा रहा था और इसी दौरान उसके 12 से 14 साल की उम्र के तीन दोस्तों ने उसे अपने साथ एक सुनसान जगह जाने के लिए मजबूर किया.
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एक आरोपी ने सब्जी काटने वाला चाकू पीड़ित पर तान दिया और तीनों ने उसे ‘अप्राकृतिक यौन कृत्य’ करने को मजबूर किया और इस हरकत की अपने मोबाइल फोन में वीडियो बनाई.
अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने पीड़ित को इस कृत्य के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी. उन्होंने कहा कि डर के चलते लड़के ने घटना के बारे में अपने माता-पिता को नहीं बताया. पीड़ित के बयान के आधार पर हौज खास पुलिस थाने में भादंवि की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) और 506 (आपराधिक धमकी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए ‘यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर’ (यूआरएल) और अन्य विवरण प्रदान करने के वास्ते कंपनी ‘मेटा’ को पत्र लिखा है. वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला में भी भेजा गया है.