नयी दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि भाजपा द्वारा आप विधायकों को “खरीदने” का प्रयास करने के उनके आरोपों पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ओर से मिले नोटिस में किसी भी प्राथमिकी का कोई जिक्र नहीं है और देश इस तरह की “नौटंकी” से प्रगति नहीं कर पाएगा.
केजरीवाल ने एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के “राजनीतिक आकाओं” ने उन्हें “नौटंकी” करने के लिए मजबूर किया, जो उनके लिए काफी “अपमानजनक” है. उन्होंने कहा, “मुझे उन अधिकारियों पर दया आती है. युवा अधिकारी बहुत आदर्शवाद के साथ पुलिस में शामिल होते हैं कि वे महिलाओं की रक्षा करेंगे और अपराध कम करेंगे. उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें नाटक करने के लिए मजबूर किया जाएगा. क्या इसीलिए वे पुलिस में शामिल हुए होंगे?
अधिकारियों को बुरा लग रहा होगा. यह अपमान उनके राजनीतिक आकाओं के कारण हुआ.” दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के सिलसिले में रविवार को दिल्ली की मंत्री आतिशी के आवास पहुंचकर उन्हें भी नोटिस दिया था. केजरीवाल को नोटिस शनिवार को मिला था.
झारखंड में राजनीतिक स्थिति के बारे में बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी “सही नहीं” है.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था. उन्होंने कहा, “एक मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करना गलत था. उन्होंने 48 घंटे तक इंतजार कर यह देखा कि झारखंड की सरकार गिरती है या नहीं, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक नहीं टूटे. देश में जो कुछ भी हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.” सोरेन के इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत गठबंधन सरकार ने सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया.