अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार का ‘श्वेत पत्र’ एक ‘सफेद झूठ पत्र’ है: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 09 Feb 2024 09:45 PM
अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार का ‘श्वेत पत्र’ एक ‘सफेद झूठ पत्र’ है: कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार का श्वेत पत्र एक ”सफेद झूठ पत्र” है और इसके बजाय केंद्र सरकार को रोजगार, नोटबंदी, सीमा पर तनाव और मणिपुर जैसे मुद्दों पर ऐसा दस्तावेज लेकर आना चाहिए. सरकार के ‘श्वेत पत्र’ के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ”यह ‘श्वेत पत्र’ नहीं, बल्कि ‘सफेद झूठ पत्र’ है. हमारे कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) ने कल ’10 साल अन्य काल’ नाम से एक ‘ब्लैक पेपर’ जारी किया.” उनका कहना था कि कांग्रेस का ‘ब्लैक पेपर’ सरकार के ‘श्वेत पत्र’ पर ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ है.

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि सरकार ‘सफेद झूठ पत्र’ लेकर आई है. रमेश ने कहा, ”श्वेत पत्र में नोटबंदी, बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती आर्थिक असमानता का कोई जिक्र नहीं है. जिन मुद्दों पर उन्हें ‘श्वेत पत्र’ लाना चाहिए, उनमें चीन के साथ सीमा पर तनाव शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी मणिपुर पर श्वेत पत्र की मांग कर रही है लेकिन सरकार इस पर चुप है.

सरकार का ‘श्वेत पत्र’ सफेद झूठ का दस्तावेज : चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से लाया गया ‘श्वेत पत्र’ सफेद झूठ का एक दस्तावेज है, जिसका मकसद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को बदनाम करना और मोदी सरकार की विफलताओं को छिपाना है.

उन्होंने एक बयान में यह भी कहा, “सरकार द्वारा जारी किया गया श्वेत पत्र एक घृणित कदम है.” चिदंबरम ने आरोप लगाया, “यह सफेद झूठ का दस्तावेज है. यह एक राजनीतिक कवायद है, जिसका उद्देश्य पिछली सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना और वर्तमान सरकार के अधूरे वादों, भारी विफलताओं और गरीबों के साथ उसके विश्वासघात को छिपाना है.”

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, “किसी भी अवधि का निष्पक्ष मूल्यांकन 2004 से मनमाने ढंग से शुरू नहीं होगा और 2014 में अचानक समाप्त नहीं हो जाएगा. इसमें 2004 से पहले की एक उचित अवधि का आकलन किया जाएगा और 2014 के बाद की एक उचित अवधि को इस आकलन में शामिल किया जाएगा. ” चिदंबरम ने संप्रग और मोदी सरकार की तुलना करते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच जीडीपी वृद्धि दर 7.46 प्रतिशत (पुरानी श्रृंखला) थी, जो इस सरकार में 5.9 प्रतिशत रही.

केंद्र में वादाखिलाफी सरकार बैठी है: अधीर

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र में ‘वादाखिलाफी सरकार’ बैठी है, जो वादे करके उन्हें पूरा नहीं करती. उन्होंने ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और देश के नागरिकों पर इसके प्रभाव पर श्वेतपत्र’ को लेकर लोकसभा में हुई चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि यह ‘श्वेत पत्र’ एक चुनावी घोषणापत्र है, जिसका मकसद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की छवि धूमिल करना है.

उन्होंने कहा कि उन नेताओं के बारे में बुरा-भला कहना उचित नहीं है, जो इस दुनिया में नहीं रहे. कांग्रेस नेता ने सत्तापक्ष से मुखातिब होते हुए कहा, ”अगर हम अटल बिहारी वाजपेयी जी के बारे में कुछ बुरा कहें, तो आपको कैसा लगेगा? हम वाजपेयी जी के खिलाफ कभी नहीं बोलते.” चौधरी ने कहा, ”इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनाया और सीने पर गोलियां खा लीं. राजीव गांधी जी आतंकवादी हमले में शहीद हो गए…आप लोग इनके बारे में ऐसी बात करते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में ‘वादाखिलाफी सरकार’ बैठी है, जो वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती. आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि संप्रग सरकार के 10 वर्षों के दौरान देश में बड़े पैमाने पर तरक्की हुई और अर्थव्यवस्था मजबूत हुई. उन्होंने कहा कि इस ‘श्वेत पत्र’ का मकसद सिर्फ राजनीतिक छींटाकशी करना है.

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