नयी दिल्ली. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जाति के बारे में टिप्पणी के लिए शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उनसे माफी की मांग की. अहीर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस जातियों को लेकर अपने ‘नासमझी भरे बयानों’ के जरिये देश में विभाजन के बीज बोने की कोशिश कर रहे हैं.
अहीर ने कहा, “भारत में करोड़ों ओबीसी लोग हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के खिलाफ राहुल गांधी के नासमझी भरे बयानों के कारण आक्रोशित हैं.” उन्होंने कहा, “गुजरात सरकार ने एक सर्वेक्षण के बाद 25 जुलाई, 1994 को मोध घांची” समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने की अधिसूचना जारी की थी.” उन्होंने कहा कि मंडल आयोग ने भी समुदाय को ओबीसी सूची में शामिल किया था.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार को 1997 में गुजरात के लिए केंद्रीय ओबीसी सूची में ‘मोध घांची’ को शामिल करने की सलाह दी थी, जिससे मोदी संबंध रखते हैं. उन्होंने कहा कि इस संबंध में 27 अक्टूबर, 1999 को एक अधिसूचना जारी की गई थी. राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान बृहस्पतिवार को कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी का जन्म सामान्य जाति के परिवार में हुआ था.
राहुल ने ओडिशा में कहा था, ”मोदी जी लोगों को यह कह कर गुमराह करते आ रहे हैं कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं. उनका जन्म ‘घांची’ जाति के परिवार में हुआ था, जिसे 2000 में गुजरात में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान ओबीसी सूची में शामिल किया गया. इस तरह, मोदीजी जन्म से ओबीसी नहीं हैं.”