अयोध्या में उत्तर प्रदेश के विधायकों ने रामलला के दर्शन किये, फूल बरसाकर लोगों ने किया स्वागत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 11 Feb 2024 07:22 PM
अयोध्या में उत्तर प्रदेश के विधायकों ने रामलला के दर्शन किये, फूल बरसाकर लोगों ने किया स्वागत
ऑडियो सुनें

लखनऊ. मुख्­य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) को छोड़कर उत्तर प्रदेश के दोनों सदन (विधानसभा और विधान परिषद) के करीब 325 विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ नवनिर्मित राम मंदिर का दौरा किया और श्री रामलला का दर्शन पूजन किया.
राम मंदिर में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान के सामने साष्टांग दंडवत कर पूजा-अर्चना की. विधायकों के मंदिरों के शहर में पहुंचने पर अयोध्या के वासियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने फूलों की वर्षा की. जैसे ही बस ने अयोध्या में प्रवेश किया फूलों की बरसात शुरू हो गयी. लोग उत्साह में नारे लगा रहे थे.

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्­स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” आज श्री अयोध्या धाम में उत्तर प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष सतीश महाना जी, विधान परिषद के माननीय सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह जी और सम्मानित सहयोगियों के साथ भगवान श्री रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ. जय सीताराम.” मुख्यमंत्री ओर से साझा किये गये 14 मिनट के वीडियो में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत कई विधायक ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाते दिखाई दे रहे हैं. कुछ विधायकों ने मंदिर की सीढि.यों पर बैठकर समूह में तस्वीरें खिंचवाईं.

उप्र विधानसभा के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”325 से कुछ अधिक विधायकों (विधान सभा और विधान परिषद दोनों के सदस्यों) ने अयोध्या में भगवान राम की पूजा की. कुछ विधायकों की पत्नियां भी उनके साथ थीं. कुल मिलाकर, दल का आकार 400 से अधिक था. ” इस दौरान शामिल पार्टी नेताओं में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल अपना दल (एस), निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के सदस्­यों के अलावा विपक्षी दलों में कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उमाशंकर सिंह तथा राष्­ट्रीय लोकदल (रालोद) के राजपाल सिंह बालियान शामिल रहे.

दर्शन पूजन के बाद अयोध्­या में ही विधायकों के लिए भोज का आयोजन हुआ और उसके बाद सभी लखनऊ लौट गये. अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” विधायकों का अयोध्या में प्रवास लगभग तीन घंटे का था और इस दौरान उन्होंने भगवान राम के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया.” उन्­होंने बताया कि भगवान श्री रामलला के ‘दर्शन’ को एक क्रम में सुविधाजनक बनाया गया, ताकि जनता और अन्य भक्त भी अपने ‘दर्शन’ जारी रख सकें. अधिकारियों ने बताया कि विधायकों ने दोपहर भोज किया.

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह और दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य तथा बृजेश पाठक समेत राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य रामलला के दर्शन करने के लिए रविवार की सुबह नौ बजे राजधानी लखनऊ से अयोध्या के लिए रवाना हुए थे. मुख्­यमंत्री योगी आदित्­यनाथ महाराष्ट्र दौरे पर होने के कारण सीधे वहां से अयोध्या पहुंचे थे. योगी के साथ ही वहां पहुंचे विधानमंडल के सदस्यों ने रामलला के दर्शन किये.

प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने पत्रकारों को बताया कि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति समेत सभी मंत्री और विधायक 10 बस से अयोध्या आए हैं. सपा के नेताओं को छोड़कर ज्यादातर विधायकों ने अयोध्या जाने पर सहमति दी थी. दर्शन के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मुख्­यमंत्री योगी के साथ ही मंदिर की अपनी तस्­वीरें ‘एक्­स’ पर साझा की.

उन्­होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ”आज माननीय विधायकों के संग अयोध्या रामलला के दर्शन के लिए जा रहीं बस का रास्­ते में जबरदस्त स्वागत किया गया.” भगवान राम के दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ” भगवान रामलला के बहुप्रतीक्षित और दिव्य ‘दर्शन’ प्राप्त हुए. भगवान राम के भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा और 2024 में (लोकसभा चुनाव) में तीसरी बार मोदी जी की सरकार बनेगी और 400 से अधिक सीट मिलेंगी.”

इसके पहले केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट रूप से सपा का जिक्र करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ”उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य अयोध्या रवाना हो गए हैं. यदि कोई नहीं जा रहा है, तो वह ‘समाप्तवादी पार्टी’ है.” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने नवनिर्मित मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए दोनों सदनों के सदस्यों को अयोध्या जाने के लिए आमंत्रित किया था. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यह निमंत्रण अस्वीकार कर दिया था.

रामलला के दर्शन के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘एक्­स’ पर अपनी एक पोस्ट में कहा, ” आज अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर, राम दरश को प्यासी अखियां तृप्त हो गईं, हृदय आनंदित, भाव विभोर हो गया, मेरा जीवन कृतार्थ हो गया. प्रभु की दिव्य छटा देख, आनंदित हूं. जय श्री राम!” इसके पहले पाठक ने कहा था, ” अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हमने (सभी विधायकों) भगवान राम के ‘दर्शन’ करने का फैसला किया था. पूरी दुनिया इस बारे में बात कर रही है.” सपा द्वारा यात्रा से इनकार करने पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, ” सपा के चाल-चरित्र के बारे में सब जानते हैं.

‘राम भक्तों’ (भगवान राम के भक्तों) पर गोली चलाने का उन्­हीं लोगों ने आदेश दिया था और यह उनकी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है. उन लोगों ने भारत की संस्कृति और प्रभु रामलला के प्रति हमेशा द्वेष भावना के तहत काम किया है. इन्हीं लोगों की सरकार में अयोध्या रक्तरंजित हुई थी, तो वे कैसे जा पाएंगे.” हालांकि, कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा ने सपा के रुख का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी जब भी सुविधाजनक हो, अयोध्या जा सकता है.

अयोध्या रवाना होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष महाना ने पत्रकारों से कहा, ” देखिए ये आस्था का मामला है. किसी को भी भगवान के दरबार में आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. यदि कोई व्यक्ति विभिन्न कारणों से नहीं आया है तो यह उनका विषय है. कल नेता प्रतिपक्ष (अखिलेश यादव) ने विधानसभा में कहा था कि अध्यक्ष महोदय, आप बुलाएंगे तो भी मैं नहीं आऊंगा. लेकिन, मैंने उनसे कहा था कि जब आप अयोध्या जाएंगे तो, मुझे भी अपने साथ लेकर चलना. ह्व महाना ने कहा, ” जब मैंने सदन के अंदर गिनती की थी तो सारा मीडिया भी वहां मौजूद था तब सपा के 14 विधायकों को छोड़कर सभी सदस्य अयोध्या जाना चाहते थे लेकिन पार्टी के फैसले के कारण नहीं जा पा रहे हैं. पार्टी का निर्णय है तो उन्हें इसे मानना चाहिए, जाना न जाना उनका अधिकार है.”

बसपा विधायक दल के नेता उमाशंकर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ” हम सभी दलों (सपा को छोड़कर) के नेता एक बस में सवार हैं. हम पहले भी अयोध्या जाकर दर्शन पूजन करते रहे हैं, लेकिन यह एक अलग अनुभव होने वाला है.” उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ” हमारी एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी (बसपा) है. हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. आज, अध्यक्ष के निर्देश पर हम (अयोध्या) जा रहे हैं. कल यदि दुनिया की सबसे अच्छी मस्जिद वहीं बनेगी तो हम वहां भी जाएंगे. लेकिन, इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आशीष सिंह आशू ने कहा, ”हम सभी लोग विधानसभा अध्यक्ष महाना के साथ अपने आराध्य प्रभु श्रीराम का दर्शन करने जा रहे हैं. यह यात्रा जीवन भर यादगार रहेगी.

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के विधायक रघुराज प्रताप सिंह ने कहा, “यहां हर चेहरे पर खुशी देखिए. यह न केवल मेरे लिए, बल्कि सभी विधायकों के लिए बहुत बड़ा सम्मान है.” भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कहा कि राज्य के दोनों सदनों के सदस्य, सत्ता पक्ष के सदस्य और विपक्ष के सदस्य अयोध्या जा रहे हैं.

उप्र 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी के 252, उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) के छह और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के छह विधायक हैं. इसके अलावा राज्­य के मुख्­य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के 108, राष्­ट्रीय लोकदल के नौ, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक हैं. राज्­य के 100 सदस्यीय उच्च सदन विधान परिषद में भारतीय जनता पार्टी के 82, समाजवादी पार्टी के नौ, अपना दल सोनेलाल के एक, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के एक, बसपा के एक और शिक्षक दल व निर्दलीय समूह समेत कुल पांच सदस्य हैं.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu