भाजपा से निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद नवीन जिंदल ने कहा, ‘जय श्री राम’

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 06 Jun 2022 07:33 PM
भाजपा से निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद नवीन जिंदल ने कहा, ‘जय श्री राम’

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नयी दिल्ली. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर भाजपा से निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद, पार्टी की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख रहे नवीन कुमार जिंदल ने सोमवार को खुद को ‘‘गौरवान्वित हिंदू’’ बताया और ट्विटर पर अपने समर्थकों को ‘जय श्री राम’ लिखकर शुभकामना दी.

जिंदल ने कहा कि वर्तमान में उनकी प्राथमिक ंिचता अपनी और अपने परिवार की रक्षा करना है, क्योंकि देश और विदेश से सोशल मीडिया पर लगातार उन्हें मौत की धमकियां मिल रही हैं. जिंदल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैंने अपनी सुरक्षा वापस दिए जाने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत दी है. मुझे बांके बिहारी पर भरोसा है और वह इस कठिन समय से पार पाने में मेरी मदद करेंगे.’’ भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख आदेश गुप्ता ने रविवार को जिंदल को भेजे गए पत्र में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके विचार सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ते हैं और पार्टी की मौलिक मान्यताओं का उल्लंघन करते हैं.

गुप्ता ने कहा कि उन्होंने (जिंदल ने) पार्टी की नीतियों और विचारधारा के खिलाफ कार्य किया है. गुप्ता ने पत्र में कहा, ‘‘आपकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल समाप्त की जाती है और आपको पार्टी से निष्कासित किया जाता है.’’ पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक जून को किए गए अपने ट्वीट के बाद जिंदल सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए थे. जिंदल ने कहा कि उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं पर हमला करने वालों और उनका अपमान करने वालों से सवाल पूछते हुए ट्वीट किया था और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.

दो दशकों से अधिक के अनुभव वाले पूर्व पत्रकार जिंदल की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पूर्व में भी कई विवाद हो चुके हैं.
अपने ट्विटर हैंडल से कथित तौर पर आप सुप्रीमो अरंिवद केजरीवाल का एक फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में उनके खिलाफ पंजाब में मामला दर्ज किया गया था. वह अपने ट्वीट के लिए महाराष्ट्र और राजस्थान पुलिस के निशाने पर भी थे. एक पत्रकार के रूप में दो दशक लंबे करियर के बाद, जिंदल भाजपा के करीब आ गए और आखिरकार पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने 2003 में दिल्ली के लक्ष्मी नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव भी लड़ा.

वह नियमित रूप से समाचार चैनल की बहस में दिखाई देते थे और भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता के रूप में पार्टी के विचारों को सामने रखते थे और बाद में उन्हें इसके मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख के रूप में पदोन्नत किया गया था. भाजपा की दिल्ली इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘जिंदल पर ध्यान केंद्रित किया गया था, फिर भी उनकी शैली ने दिल्ली भाजपा में कई दोस्तों और करीबी सहयोगियों को आर्किषत नहीं किया. वह हाल ही में पार्टी के एक सहयोगी के साथ सार्वजनिक तौर पर बहस में उलझ गए थे.’’ भाजपा से हटाए जाने के बाद जिंदल ने अपने पिछले पदनाम को हटाकर अपना ट्विटर प्रोफाइल बदल दिया और इसके बजाय ‘‘गौरवान्वित हिंदू’’ और ‘‘राष्ट्रवादी’’ जोड़ दिया.

उनकी किताब ‘इस्लामिक मदरसे बेनकाब’ का 2008 में तत्कालीन आरएसएस प्रमुख केएस सुदर्शन द्वारा विमोचन किया गया था. एक पत्रकार के रूप में उन्होंने गाजी बाबा और अफजल गुरु सहित कई के साक्षात्कार भी किए थे. भाजपा की दिल्ली इकाई के नेताओं ने दावा किया कि पिछले कुछ महीनों से जिंदल दिल्ली नेतृत्व के साथ मतभेदों के बाद हाशिये पर पहुंचा दिए गए थे और वह पार्टी कार्यालय में भी कभी-कभार ही आते थे.

By Yogesh Kumar Sahu