आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु को फिर से परिसर ले जाया गया, अश्लील सामग्री जब्त: दिल्ली पुलिस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 01 Oct 2025 10:58 PM
आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु को फिर से परिसर ले जाया गया, अश्लील सामग्री जब्त: दिल्ली पुलिस
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नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस निजी संस्थान की 17 छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु चैतन्यानंद सरस्वती को बुधवार को दूसरी बार परिसर ले गई और वहां से अश्लील सामग्री जब्त की. जांच से जुड़े पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

पुलिस को सरस्वती (62) के फ.ोन पर कई अज्ञात महिलाओं के साथ “अश्लील” संवाद भी मिले हैं. गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले हुई इन बातचीतों में से एक में, उसने कथित तौर पर एक महिला से पूछा था, “दुबई का एक शेख. एक सेक्स पार्टनर चाहता है, क्या तुम्हारी कोई अच्छी दोस्त है?” अधिकारी ने बताया कि सरस्वती को बुधवार को फिर से संस्थान ले जाया गया. पुलिस ने स्वयंभू धर्मगुरु के परिसर की डेढ. घंटे तक फिर से तलाशी ली.

सोमवार को पुलिस सरस्वती को प्रबंधन संस्थान परिसर में उन जगहों को चिह्नित करने के लिए ले गई थी जहां वह कथित तौर पर छात्राओं को निशाना बनाता था. अधिकारी ने बताया, “पुलिस ने उसके कमरे से एक सेक्स टॉय और पांच सीडी बरामद की हैं जिनमें कथित तौर पर अश्लील सामग्री थी. साथ ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता की तीन जाली तस्वीरें भी बरामद की गई हैं.” पुलिस टीम ने पुष्टि के लिए बागेश्वर, अल्मोड़ा और अन्य स्थानों का भी दौरा किया है, जहां आरोपी फरार होने के दौरान रुका था. उसके फ.ोन पर मिले बातचीत के रिकॉर्ड से पता चला है कि आरोपी ने महिलाओं को कई बार “बेबी डॉल” कहा था.

कई दिनों तक फरार रहने के बाद रविवार को सरस्वती को आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया. उसका आमना-सामना उसकी तीन महिला सहयोगियों से कराया गया. उसके सहयोगियों में तीन बहनें हैं जिन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों को धमकाया और उनके फोन से उसके अश्लील संदेश डिलीट करने के लिए मजबूर किया. अधिकारी ने बताया कि सरस्वती के फ.ोन से महिला विमान परिचारिकाओं के साथ उसकी तस्वीरें और महिलाओं की डिस्प्ले तस्वीरों के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं.

अधिकारी ने बताया कि वह कथित तौर पर महिलाओं को विमान परिचारिका या अपने संस्थान में नौकरी दिलाने का झांसा देता था और बातचीत शुरू करने के लिए इन्हीं बहाने का इस्तेमाल करता था. पुलिस ने बताया कि सरस्वती का कार्यालय महिलाओं को प्रभावित करने के लिए एक ‘आलीशान कमरे” जैसा डिज.ाइन किया गया था. वह महिलाओं को गहने समेत महंगे उपहार देता था और उनसे योग करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करने को कहता था. खुद को बचाने के लिए वह अक्सर प्रभावशाली हस्तियों का नाम लेता था. उसने भारत के प्रधान न्यायाधीश का नाम लेकर पुलिस को भी धमकाया था और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से अपने संबंधों का झूठा दावा भी किया था.

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