संदेशखालि की महिलाओं की शिकायत पर भाजपा ने ममता को घेरा

संदेशखालि की घटनाओं ने मेरी अंतरात्मा को हिला दिया: राज्यपाल बोस

नयी दिल्ली/कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें ‘हिंदुओं के नरसंहार’ के लिए जाना जाता है और अब वह अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को महिलाओं पर यौन हमले की छूट दे रही हैं.

ममता बनर्जी के खिलाफ ये आरोप केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक संवाददाता सम्मेलन में उस वक्त लगाए जब पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में महिलाओं के एक समूह ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय बाहुबली शाहजहां शेख और उनके समर्थकों ने बलपूर्वक भूमि पर कब्जा कर लिया और उनका यौन उत्पीड़न किया. उन्होंने शेख की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.

शेख पिछले महीने से फरार है जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम कथित राशन घोटाले के सिलसिले में उसके घर पर छापा मारने गई थी तब उसके समर्थकों की भीड़ ने हमला कर दिया था. ईरानी ने आरोप लगाया कि बनर्जी को ‘हिंदुओं के नरसंहार’ के लिए जाना जाता है.

उन्होंने विभिन्न आरोपों का हवाला देते हुए कहा, ”हिंदू नरसंहार पर सौदा कर ममता अपनी सत्ता का साम्राज्य चला रही हैं…घर-घर जाकर ममता के गुंडे हिंदू परिवार की छोटी उम्र की बहुओं को उठाकर उनका बलात्कार कर रहे हैं और ममता उस पर चुप्पी साधे हुए हैं.” केंद्रीय मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष पर ‘राजनीतिक लाभ’ के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जैसे कमजोर समुदायों की गरिमा के साथ व्यापार करने का आरोप लगाते हुए कहा, ”सवाल यह है कि क्या नागरिक के तौर पर हम मूकदर्शक बने रह सकते हैं?”

मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग का प्रभार होने का जिक्र करते हुए ईरानी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग देश में न्याय के लिए यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, वे भी चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह हिंदुओं पर सरकार प्रायोजित हमला है.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस सोमवार सुबह केरल से कोलकाता पहुंचे और सीधे संदेशखालि के लिए रवाना हो गए.
वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और पार्टी के कई अन्य विधायकों को अशांत क्षेत्र का दौरा करने से रोक दिया गया. पुलिस ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का हवाला दिया.

संदेशखालि की घटनाओं ने मेरी अंतरात्मा को हिला दिया: राज्यपाल बोस

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में अशांत क्षेत्रों का दौरा किया और तृणमूल कांग्रेस के फरार नेता शाहजहां शेख और उसके साथियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला प्रदर्शनकारियों से बात की. राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि उनकी कलाई पर राखी बांधने वाली सताई हुई महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी मदद की जाएगी.

बोस ने संवाददाताओं से कहा, ”मैंने जो देखा वो भयावह, स्तब्ध करने वाला और मेरी अंतरात्मा को हिला देने वाला था. मैंने वो कुछ देखा जो कभी नहीं देखना चाहिए था. मैंने कई चीजें सुनी जो कभी नहीं सुननी चाहिए थीं. मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि पर यह सब हुआ.” राज्यपाल ने कहा कि वह संविधान के प्रावधानों के तहत कानून के अनुसार इससे लड़ेंगे.
उन्होंने स्थानीय महिलाओं से कहा, ”चिंता मत कीजिए. आपको न्याय जरूर मिलेगा.”इनमें से कई महिलाएं अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरा ढंककर उप राज्यपाल से मिलने आई थीं.

महिलाओं को कहते सुना गया, ”हम अपने लिए शांति और सुरक्षा चाहते हैं. हम और यह प्रताड़ना नहीं झेल सकते.” बोस ने महिलाओं से मिलने से पहले मौजूदा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और हालात का जायजा लेकर उन्हें तत्काल कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया. बोस ने संदेशखालि के हालात पर राज्य सरकार से व्यापक रिपोर्ट मांगी है. बोस अपनी केरल यात्रा बीच में ही छोड़ कर कोलकाता पहुंचे थे और वहां से सीधे संदेशखालि निकल गए.

इससे पहले आज सुबह कोलकाता हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद बोस ने कहा, ”मैं संदेशखालि जा रहा हूं क्योंकि मैं खुद जाकर देखना चाहता हूं कि संदेशखालि की गलियों से वास्तविक संदेश क्या है.” राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने इस बात पर संदेह जताया था कि राज्यपाल को स्थिति की समीक्षा करने के लिए अशांत संदेशखालि में जाने की ”अनुमति” दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि राज्यपाल को संदेशखालि जाते समय शायद काले झंडे दिखाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि उनके पार्टी सहयोगी भी वहां जाने वाले हैं और उन्हें नाकेबंदी का सामना करना पड़ सकता है. घोष ने कहा ”वह (राज्यपाल) एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और जानते हैं कि लोगों को वहां प्रताड़ित किया जा रहा है. मुझे डर है कि कहीं उन्हें काले झंडे न दिखाए जाएं. उनके पूर्ववर्ती जगदीप धनखड़ के साथ ऐसी घटनाएं हुई थीं.” इस बीच, पुलिस ने कहा कि संदेशखालि में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और किसी को भी वहां कानून-व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा “वहां से किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है, हम किसी को भी वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को बाधित करने की अनुमति नहीं देंगे. कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.” क्षेत्र में इस समय निषेधाज्ञा लागू है.

संदेशखालि हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को संदेशखालि हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया है. बनर्जी का बयान तब आया है, जब राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपनी केरल यात्रा बीच में छोड़ते हुए सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले में स्थित इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया.

मुख्यमंत्री ने हावड़ा जिले में दुमुरजला स्टेडियम में संवाददाताओं से कहा, ”कोई भी संदेशखालि जा सकता है. हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है. हमने राज्य महिला आयोग के दल को पहले ही वहां भेज दिया है. उन्होंने लौटकर रिपोर्ट जमा की. हिंसा भड़काने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालात पर करीब से नजर रखी जा रही है और जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं.”

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में अशांत क्षेत्रों का दौरा किया और तृणमूल कांग्रेस के फरार नेता शाहजहां शेख और उसके साथियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला प्रदर्शनकारियों से बात की. राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि उनकी कलाई पर राखी बांधने वाली सताई हुई महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी मदद की जाएगी.

बोस ने संवाददाताओं से कहा, ”मैंने जो देखा वो भयावह, स्तब्ध करने वाला और मेरी अंतरात्मा को हिला देने वाला था. मैंने वो कुछ देखा जो कभी नहीं देखना चाहिए था. मैंने कई चीजें सुनी जो कभी नहीं सुननी चाहिए थीं. मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि पर यह सब हुआ.” राज्यपाल ने कहा कि वह संविधान के प्रावधानों के तहत कानून के अनुसार इससे लड़ेंगे.
उन्होंने स्थानीय महिलाओं से कहा, ”चिंता मत कीजिए. आपको न्याय जरूर मिलेगा.”इनमें से कई महिलाएं अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरा ढंककर उप राज्यपाल से मिलने आई थीं.

महिलाओं को कहते सुना गया, ”हम अपने लिए शांति और सुरक्षा चाहते हैं. हम और यह प्रताड़ना नहीं झेल सकते.” बोस ने महिलाओं से मिलने से पहले मौजूदा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और हालात का जायजा लेकर उन्हें तत्काल कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया. बोस ने संदेशखालि के हालात पर राज्य सरकार से व्यापक रिपोर्ट मांगी है.

पांच जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर भीड़ के हमले के बाद संदेशखालि चर्चा में आया. अधिकारी कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस नेता शाजहां शेख के परिसर की तलाशी लेने के लिए वहां गए थे, जब भीड़ ने उनपर हमला किया था. तभी से शेख लापता है. संदेशखालि में महिलाओं ने आरोप लगाया है कि शाजहां शेख और उसका “गिरोह” उनका यौन उत्पीड़न कर रहा है. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि संदेशखालि में मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया है.

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