हिमाचल में भाजपा ने यूसीसी, महिलाओं, किसानों के लिए किए कई वादे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 06 Nov 2022 06:24 PM
हिमाचल में भाजपा ने यूसीसी, महिलाओं, किसानों के लिए किए कई वादे
ऑडियो सुनें

शिमला. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए रविवार को पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया. संकल्प पत्र में राज्य में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने और विभिन्न क्षेत्रों में रियायतें देने का वादा किया गया है.

‘संकल्प पत्र’ में ंिहदुत्व, विकास और कल्याणकारी वादों का मिश्रण देखने को मिला. नड्डा ने महिलाओं के लिए भी एक अलग घोषणापत्र जारी किया, जिसमें नि:शुल्क अनाज, रसोई गैस कनेक्शन और शौचालय बनाने के वादे किए गए. अपने गृह राज्य में विधानसभा चुनावों में एक सप्ताह से भी कम समय बचा होने के बीच नड्डा ने आठ लाख रोजगार सृजित करने, छठी से 12वीं कक्षा की छात्राओं के लिए साइकिल, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही लड़कियों को स्कूटी देने और पांच नए मेडिकल कॉलेज खोलने समेत कई अन्य वादे भी किए.

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राज्य में वक्फ की संपत्तियों का सर्वेक्षण कराएगी, ताकि उनके ‘‘गैरकानूनी’’ इस्तेमाल को रोका जाए.
‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने वादा किया कि अगर हिमाचल में भाजपा की सत्ता बरकरार रहती है तो पार्टी यूसीसी लागू करने के लिए एक समिति गठित करेगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा दी जाने वाली रियायतों को मुफ्त की रेवड़ियां नहीं कहा जा सकता क्योंकि सशक्तिकरण और लालच में काफी फर्क होता है.

उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के सशक्तिकरण के साथ है जबकि वह लालच देने के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि उसने मुफ्त की रेवड़ियों पर चर्चा में निर्वाचन आयोग को दिए जवाब में भी ऐसे ही विचार रखे हैं. एक सवाल के जवाब में नड्डा ने कांग्रेस द्वारा शनिवार को जारी घोषणापत्र की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें दूरदृष्टि और दिशा दोनों का अभाव है. भाजपा अध्यक्ष ने उनकी पार्टी तथा कांग्रेस के घोषणापत्र के बीच किसी भी तुलना को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल ने लोकलुभावन और बड़े-बड़े दावे किए हैं क्योंकि उसका इन्हें पूरा करने का इरादा नहीं है.

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकारों ने 2017 में राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ में किए नौकरियों समेत अन्य वादों को पूरा नहीं किया है. पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पर भाजपा का रुख पूछे जाने पर पार्टी नेता मंगल पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने एक समिति बनायी है और इस मुद्दे पर उसकी रिपोर्ट के तहत निर्णय लिया जाएगा.

ओपीएस मुद्दे ने पर्वतीय राज्य में जोर पकड़ा है. हिमाचल प्रदेश में मौजूदा और पूर्व सरकारी कर्मचारियों का अच्छा-खासा वोट बैंक है.
नड्डा ने भरोसा जताया कि लोग फिर से भाजपा को चुनकर सत्तारूढ़ पार्टी को बेदखल करने के पिछले कुछ दशकों के चलन को बदल देंगे. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोगों ने उत्तराखंड, गोवा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ऐसा ‘‘रिवाज’’ बदल दिया है और हिमाचल प्रदेश में भी ऐसा ही करेंगे.

उन्होंने नि:शुल्क अनाज योजना, राज्य में एम्स तथा आईआईएम बनाने और कई अन्य कल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने जो वादा किया था वह न केवल पूरा किया बल्कि ऐसी कई चीजें भी की जिनका कभी वादा नहीं किया गया था.’’ भाजपा ने 11 ‘‘प्रतिबद्धताओं’’ वाले अपने घोषणापत्र में केंद्र सरकार की एक योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली 6,000 रुपये की राशि के अलावा उन्हें 3,000 रुपये देने, सभी गांवों को सड़कों से जोड़ने और मंदिरों के आसपास परिवहन एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए अगले 10 वर्ष में 12,000 करोड़ रुपये निवेश करने के वास्ते ‘शक्ति’ नामक एक कार्यक्रम का वादा किया.

भाजपा ने सेब की पैकेंिजग पर किसानों के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में रियायत देने, स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 900 करोड़ रुपये के निवेश, ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों पर निर्भर परिजन के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाने तथा सरकारी कर्मचारियों के पारिश्रमिक में विसंगतियों को हल करने का भी वादा किया. महिलाओं के लिए घोषणापत्र में किए गए 11 वादों में गरीब परिवारों के लिए तीन नि:शुल्क एलपीजी सिलेंडर और गरीब परिवारों की महिलाओं को शादी में वित्तीय सहयोग बढ़ाना शामिल है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu