छत्रपति संभाजीनगर/पुणे/नागपुर/मुंबई. महाराष्ट्र के बीड जिले के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़ी भयावह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के कई हिस्सों में बंद का आ”ान किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि बीड के केज और पाटोदा में पूर्ण बंद रहा, जबकि कुछ अन्य हिस्सों में आंशिक बंद रहा. देशमुख हत्याकांड में यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता धनंजय मुंडे ने मंत्रिमंडल से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया. उन्होंने ऐसे समये में इस्तीफा दिया जब देशमुख की हत्या में मुंडे के करीबी सहयोगी कराड का नाम मुख्य सरगना के रूप में सामने आया था.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ”बीड के कई इलाकों में बंद का असर देखने को मिला. जिले के पाटोदा और केज इलाकों में पूरी तरह बंद रहा. पुलिस ने जिले के संवेदनशील इलाकों में दंगा नियंत्रण के लिए आठ इकाइयां तैनात की हैं.” उन्होंने बताया, ”मसाजोग गांव (सरपंच देशमुख का पैतृक गांव) में कोई अतिरिक्त बल तैनात नहीं किया गया है. अभी तक बंद के सिलसिले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है या गिरफ्तार नहीं किया गया है.” अधिकारी ने बताया कि केज में धनंजय मुंडे की तस्वीर वाले बैनर जलाए गए और प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के खिलाफ नारे लगाए.
बीड के मसाजोग गांव के सरपंच देशमुख को पिछले साल नौ दिसंबर को कथित तौर पर जिले में एक ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली के प्रयास को रोकने की कोशिश करने पर अगवा कर लिया गया और प्रताड़ित किया गया था. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने 27 फरवरी को देशमुख की हत्या और दो संबंधित मामलों में बीड जिले की एक अदालत में 1,200 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया.
गत दिसंबर में जब महाराष्ट्र के एक गांव के सरपंच संतोष देशमुख को प्रताड़ित किया जा रहा था और उनकी हत्या की जा रही थी, तब हमलावरों ने 15 वीडियो रिकॉर्ड किए थे, आठ तस्वीरें खींची थीं और दो वीडियो कॉल भी किए. सीआईडी ??द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए आरोपपत्र में इन्हें प्रमुखता से शामिल किया गया है. सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों ने मंगलवार को बंद का आ”ान किया.
सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से संबंधित भयावह तस्वीरें और अदालती आरोपपत्र के विवरण सामने आने के बाद विपक्ष ने मुंडे के इस्तीफे की मांग तेज कर दी. इन तस्वीरों और अदालती आरोपपत्र में हत्या से पहले की गई क्रूरता का खुलासा हुआ है. सरपंच की हत्या, अवाडा कंपनी से पैसे ऐंठने की कोशिश और कंपनी के सुरक्षा गार्ड पर हमला करने के तीन अलग-अलग मामले बीड के केज थाने में दर्ज किए गए हैं. इस हत्याकांड में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कठोर कार्रवाई की है. एक आरोपी अब भी फरार है.
भाजपा विधायक धस का दावा, मुंडे के बंगले पर हुई थी जबरन वसूली के लिए बैठक
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सुरेश धस ने मंगलवार को कहा कि धनंजय मुंडे को सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के संबंध में कथित तौर पर जबरन वसूली को लेकर उनके आधिकारिक आवास पर हुई बैठक के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा.
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे ने मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया. इससे कुछ दिन पहले ही उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को बीड के सरपंच की हत्या के मामले में मास्टरमाइंड बताया गया था.
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में धस ने आरोप लगाया कि मुंडे के ‘सतपुरा’ बंगले पर जबरन वसूली को लेकर बैठक हुई थी और उन्हें इस बारे में स्पष्टीकरण देना होगा. भाजपा नेता ने कहा, ”मुंडे मंत्री रहें या न रहें, उन्हें जवाब देना ही होगा कि क्या सतपुरा बंगले में जबरन वसूली के बारे में कोई बैठक हुई थी.” धस ने सवाल किया, ”ऐसी स्थिति में सरपंच की हत्या की जानकारी मुंडे को ना हो, ऐसा कैसे हो सकता है?”
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पुणे में विरोध-प्रदर्शन किया
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या को लेकर मंगलवार को पुणे में विरोध-प्रदर्शन किया और अपराध में शामिल दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की. शिवसेना की पुणे इकाई के अध्यक्ष प्रमोद भांगिरे के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरपंच हत्याकांड से जुड़े जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार वाल्मिक कराड का पुतला फूंका. कराड राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे धनंजय मुंडे का करीबी सहयोगी बताया जाता है. भांगिरे ने कहा, “देशमुख की निर्मम हत्या की गई. हम दोषियों को मौत की सजा दिए जाने की मांग करते हैं.”
धनंजय मुंडे को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था : पंकजा
महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने मंगलवार को कहा कि उनके चचेरे भाई एवं राकांपा नेता धनंजय मुंडे को मंत्री पद से पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था और सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के बाद पैदा हुई स्थिति से निकलने का सम्मानजनक रास्ता निकालना चाहिए था.
प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की मंत्री नागपुर में एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत कर रही थी . राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे ने मंगलवार को प्रदेश मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया था. इससे कुछ दिन पहले ही उनके करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड को बीड के सरपंच की हत्या के मामले में मास्टरमाइंड बताया गया था.
पंकजा ने कहा, ”मैं इस्तीफे का स्वागत करती हूं. उन्हें (धनंजय मुंडे) पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, ऐसा करना बेहतर होता. उन्हें इस सारी पीड़ा से बाहर निकलने का सम्मानजनक तरीका मिल जाता.” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपने चचेरे भाई के बयान के बारे में पता नहीं था और उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति नहीं चाहता कि उसके परिवार के सदस्य को इस तरह की पीड़ा से गुजरना पड़े.
मंत्री ने कहा, ”जब हम कोई पद ग्रहण करते हैं, तो हमें राज्य के हर व्यक्ति को समान समझना चाहिए. इस्तीफा देने का फैसला देशमुख परिवार के दर्द और पीड़ा की तुलना में कुछ भी नहीं है. उन्होंने (धनंजय मुंडे) सही फैसला लिया है. देर आए दुरुस्त आए.”
मुंडे का इस्तीफा पर्याप्त नहीं, फडणवीस सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करें: आदित्य ठाकरे
शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का आरोप लगाते हुए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की. वह राज्य के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता धनंजय मुंडे के इस्तीफे के मद्देनजर यहां संवाददाताओं से बात कर रहे थे. संवाददाताओं से बातचीत में ठाकरे ने कहा, ”मुंडे का इस्तीफा काफी नहीं है. सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए.”