मुजफ्फरनगर. वाराणसी से बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं लेकर मुजफ्फरनगर एसडी इंटर कॉलेज आए एक शिक्षक की एक पुलिसकर्मी ने आपसी विवाद के बाद कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना से नाराज शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रास्ता जाम किया और मृत शिक्षक के परिवार को कम से कम 10 करोड़ रुपये के मुआवजे एवं एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की.
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) सत्यनारायण प्रजापत ने सोमवार को यहां बताया कि वाराणसी के शिक्षा विभाग की एक टीम पुलिस की सुरक्षा में मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित एसडी इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लेकर आई थी और उस टीम में शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, संतोष कुमार और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल थे. उनके मुताबिक कॉलेज गेट बंद होने के कारण टीम के सदस्य कॉपियां देने के लिए वाहन में ही रुके हुए थे.
उन्होंने बताया कि रविवार रात कॉलेज के बाहर वाहन में सोते समय शिक्षक धर्मेंद्र और मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश के बीच किसी बात को लेकर झड़प हो गई तथा चंद्र प्रकाश ने अपनी सरकारी बंदूक से धर्मेंद्र को गोली मार दी. प्रजापत ने बताया कि गंभीर रूप से घायल शिक्षक धर्मेंद्र कुमार को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उन्होंने बताया कि शिक्षक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी मुख्य आरक्षी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और वाहन में सवार रहे सभी लोगों को पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया गया है. उनके मुताबिक पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस बीच, इस घटना से नाराज विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया और सर्कुलर रोड पर रास्ता जाम कर दिया. बाद में, राज्य सरकार को संबोधित एक ज्ञापन में प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने मृतक के परिवार को कम से कम 10 करोड़ रुपये के मुआवजे और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की.
शिक्षकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्यवाही नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा.
इसके अलावा शिक्षक की गोली मारकर हत्या के विरोध में जिले में शिक्षकों ने भी यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है.