नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आज एक नया घटनाक्रम खड़ा हो गया है। उत्तराखंड में दो साल पहले हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अंकिता के माता पिता ने न्याय पाने के लिए धरना दे दिया है।
अंकिता की मां अपने परिवार के साथ मौजूद हैं. जानते चलें कि साल 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी. अंकिता पर दबाव था कि वो एक VIP को सर्विस दे, जब उसने मना किया तो उसे मार दिया गया.
फिर इस मामले में BJP के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम का नाम जुड़ गया. आरोप लगे कि वो VIP दुष्यंत ही था. अब मोदी सरकार ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है. अंकिता के परिवार वाले इसी का विरोध कर रहे हैं और आज दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठ हैं. नेता विपक्ष राहुल गांधी उनसे मिलने पहुंचने हुए हैं।
अंकिता के माता – पिता की मांग है कि दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद के लिए हुई नियुक्ति रद्द की जाए .
अंकिता भंडारी मर्डर केस पर कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा, “… देश में जो हो रहा है, उसमें न्याय मिलना चाहिए। जो माता-पिता न्याय की मांग के लिए इंडिया गेट तक आए हैं और वहां बैठे हैं, सरकार को अपनी आंखें खोलनी चाहिए…”
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव व सांसद प्रियंका गांधी आज इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलने पहुँचे और उनकी पीड़ा सुनी।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने लिखा कि अंकिता भंडारी को न्याय मिले, उसके माता-पिता को न्याय के लिए दर-दर भटकना न पड़े और इस हृदयविदारक मामले से जुड़े हर सवाल का निष्पक्ष जवाब मिले, यही उत्तराखंड की जनभावना है।
अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि हमारी बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय व्यवस्था पर विश्वास की लड़ाई है। इस मामले में उठे गंभीर सवालों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और न्याय की माँग कर रहे परिवार की आवाज सुनी जानी चाहिए।
अंकिता को न्याय मिले, सच सामने आए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले, चाहे वह कितना ही बड़ा #VIP क्यों न हो? यही उत्तराखंड की अपेक्षा है और यही हर संवेदनशील नागरिक की पुकार।