कांग्रेस ओबीसी चुनौतियों का समाधान करने में विफल रही, भाजपा के लिए रास्ता खुल गया: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 24 Jul 2025 10:58 PM
कांग्रेस ओबीसी चुनौतियों का समाधान करने में विफल रही, भाजपा के लिए रास्ता खुल गया: राहुल
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नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले 10-15 वर्षों में पार्टी अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के समक्ष पेश आने वाली चुनौतियों का समाधान करने में विफल रही और इस वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ओबीसी के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने का रास्ता खुल गया.

गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में तेलंगाना में जातिगत सर्वेक्षण के बारे में आयोजित एक प्रस्तुति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि हर भारतीय का ध्यान रखना कांग्रेस का काम है और यह भी सच है कि कांग्रेस देश के सभी समुदायों के प्रति निष्पक्ष भाव रखने वाली पार्टी रही है. इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की उपस्थिति में तेलंगाना के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण, 2024 पर चर्चा हुई.

गांधी ने कहा, “मुझे लगता है कि दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी पिछले 10-15 वर्षों में सही राह पर थी. लेकिन ओबीसी मुद्दों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर कांग्रेस की समझ और पार्टी को जिस तरह के कदम उठाने चाहिए थे और उठा सकती थी, उसमें हम पीछे रह गए.” उन्होंने कहा कि यही उनकी भावना है और कई लोग उनसे सहमत नहीं हो सकते हैं.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “…मुझे लगता है कि हमने भाजपा के लिए जगह बनाई, क्योंकि हम ओबीसी लोगों की आकांक्षाओं और इच्छाओं के प्रति संवेदनशील नहीं थे.” उन्होंने कहा, ”सभी को यह महसूस होना चाहिए कि पार्टी में निष्पक्षता है.” उन्होंने जाति सर्वेक्षण करने के लिए रेवंत रेड्डी और उनकी टीम की सराहना की. उन्होंने कहा, ”मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जिस कुशलता से उन्होंने इस कार्य को किया है, वह इस देश में सामाजिक न्याय के लिए एक मील का पत्थर है.” उन्होंने दावा किया, “यह अब यह परिभाषित करेगा कि राष्ट्रीय जाति जनगणना कैसे की जाती है.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह जनगणना नौकरशाही के बंद कमरों में नहीं की गई, बल्कि दरवाजा खोला गया और तेलंगाना के लाखों लोगों, विभिन्न समुदायों और व्यावसायिक समूहों की भागीदारी के साथ सर्वेक्षण किया गया.

गांधी ने इस बात पर जोर दिया, “हम जाति, शिक्षा, स्वास्थ्य या किसी भी चीज को लक्षित कर सकते हैं. आज भारत के किसी भी अन्य राज्य में तेलंगाना की तरह विकास को लक्ष्य में रखकर काम करने की क्षमता नहीं है. यह एक सामाजिक औजार है, यह एक वित्तीय और आर्थिक साधन भी है. भाजपा को यह पसंद नहीं है कि यह एक राजनीतिक साधन भी है.” उन्होंने कहा, “आरक्षण पर 50 प्रतिशत की दीवार तोड़ने का विचार, जिसका भाजपा सरकार विरोध कर रही है, हिंदुत्व की राजनीति को पूरी तरह से नष्ट करने की क्षमता रखता है.” गांधी ने कहा कि जब कांग्रेस दबाव डालती है, तो भाजपा को सुनने के लिए मजबूर होना पड़ता है क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं होता.

उन्होंने दावा किया, “मुझे पता है कि भाजपा जाति जनगणना सही तरीके से नहीं करने जा रही है. वे ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि वे भारत के लोगों को ओबीसी, दलितों और आदिवासियों, यहां तक कि सामान्य जातियों की वास्तविक स्थिति नहीं बता सकते. क्योंकि, अगर वे भारत को सच बता देंगे, तो उनका पूरा विचार ही खत्म हो जाएगा.” गांधी ने अंग्रेजी भाषा की शिक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और दावा किया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार जाति जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करके तेलंगाना के लोगों के जीवन को बदलने में मदद करेगी. खरगे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि उन्हें खुशी है कि तेलंगाना ने एक अच्छा काम किया है और देश को नयी दिशा दिखाई है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि इस सर्वेक्षण में अछूतों को शामिल नहीं किया गया है.

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से इस दिशा में काम करने का आग्रह करते हुए कहा, “अगर अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग अल्पसंख्यकों के साथ मिलकर कांग्रेस का समर्थन करते हैं, तो हम 50 प्रतिशत से ज़्यादा (वोट) हासिल कर सकते हैं और लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक पहुंच सकते हैं.” खरगे ने कहा, “हमें हर राज्य में ताकत के साथ ऐसा करना होगा. हमें निडर होकर काम करना होगा. हमें अपनी पार्टी को मजबूत करना होगा और यह राजनीतिक सत्ता मिलने पर ही हासिल हो सकता है. हम समाज को तभी आगे ले जा सकते हैं जब हमारे पास आर्थिक, मानसिक या मानवीय शक्ति हो.” कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और अन्य नेताओं से तेलंगाना के जाति सर्वेक्षण को अन्य राज्यों में भी ले जाने का आग्रह किया.

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