कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए एएमयू और जामिया में SC/ST आरक्षण समाप्त किया था: पात्रा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 01 Aug 2024 08:08 PM
कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए एएमयू और जामिया में SC/ST आरक्षण समाप्त किया था: पात्रा
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. शिक्षा क्षेत्र में आरक्षण के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का आरक्षण समाप्त किया था.

लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के लोग आरक्षण पर आंसू बहाते हैं, लेकिन वे जवाब दें कि क्या यह सच नहीं है कि केंद्र द्वारा वित्तपोषित एएमयू और जामिया संस्थानों में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए प्रदत्त आरक्षण को समाप्त कर दिया गया.

उन्होंने आरोप लगाया, ”कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए 1981 में एएमयू में एससी और एसटी के आरक्षण को समाप्त कर दिया. कांग्रेस ने 2011 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में एससी और एसटी आरक्षण समाप्त कर दिया.” पात्रा ने पेपर लीक को लेकर विपक्षी सदस्यों के आरोपों पर कहा, ”पेपर लीक पर आरोप लगाने से पहले वे अपने गिरेबान में झांकें जो पाप ही पाप से भरा पड़ा है.” उन्होंने 2006 से लेकर 2014 तक केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार में पिछले कुछ साल में विभिन्न कांग्रेस शासित राज्यों में प्रश्नपत्र लीक के अनेक उदाहरण गिनाए.

भाजपा सांसद ने कहा, ”इस सरकार ने गत फरवरी में पेपर लीक को रोकने के लिए एक विधेयक सदन में रखा है. इसमें दस साल तक की जेल का और एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.” उन्होंने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में शिक्षा, कौशल और उद्यमिता तथा रोजगार विषयों पर बहुत जोर दिया गया है. पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष 34 वर्ष तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर चुप्पी साधे रहा और 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद भाजपा के घोषणापत्र में किए गए एनईपी के वादे को पूरा किया गया. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषा के प्रति सम्मान और शिक्षा को लेकर समग्रता की सोच है.

पात्रा ने कहा कि मोदी सरकार में प्राथमिक शिक्षा में विद्यार्थियों के पंजीकरण में 3 प्रतिशत से अधिक वृद्धि, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात में 9 प्रतिशत की वृद्धि, दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाओं वाले स्कूलों में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र ओडिशा के पुरी में शांतिनिकेतन जैसे विश्वस्तरीय केंद्र्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की.

चर्चा में भाग लेते हुए लोक जनशक्ति (राम विलास) के राजेश वर्मा ने कहा कि बजट के माध्यम से सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास किया है. उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अनुदान के लिए आवंटन में 4000 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि का उल्लेख किया.

तेलुगु देशम पार्टी के श्रीभरत मतुकुमिल्ली ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए इसे देश के सतत विकास में सहायक करार दिया. उन्होंने आंध्र प्रदेश में स्थित विभिन्न केंद्रीय शिक्षण संस्थानों के लिए पर्याप्त सहयोग दिये जाने को लेकर सरकार की सराहना की तथा सहयोग जारी रखने का आग्रह किया. जनता दल यूनाइटेड के सुनील कुमार ने भी नई शिक्षा नीति को सरकार का एक बेहतरीन कदम बताया और कहा कि इससे बच्चे बस्ते के बोझ से उबर सकेंगे. शिवसेना के सांसद नरेश गणपत म्हास्के ने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं.

भाजपा के प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि सदियों पहले भी वैदिक शिक्षा प्रणाली भारत के पास थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका में जब लोग विश्वविद्यालय का नाम तक नहीं जानते थे तब भी भारत में नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय थे. सारंगी ने कहा कि जरा सोचिए कि यदि भारत ने शून्य का आविष्कार नहीं किया होता तो अत्याधुनिक गणित का क्या होता. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने सबसे पहले भारत की शिक्षा और शिल्प को खत्म कर दिया. उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं की तरफदारी करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति के जरिये बेहतर सपने देखने का वक्त आ गया है.

भाजपा सांसद ने अलीगढ़ मुस्लिम विवि में एससी, एसटी आरक्षण की मांग दोहराई

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम ने बृहस्पतिवार को सरकार से अपनी यह मांग दोहराई कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को आरक्षण मिलना चाहिए.

गौतम ने लोकसभा में शिक्षा मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि देश में सबसे पहले स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलता है, लेकिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में नहीं मिलता.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय एक शिक्षा मंत्री ने एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने का पत्र जारी कर दिया. गौतम ने कहा कि एएमयू जब केंद्र सरकार द्वारा संचालित संस्थान है तो यह अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हो सकता.

भाजपा सांसद ने कहा, ”एक तरफ कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण की बात करती है तो दूसरी तरफ उनके एक शिक्षा मंत्री ने एएमयू में यह आरक्षण समाप्त कर दिया.” उन्होंने मांग की कि एएमयू में इन वर्गों के छात्रों को अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तरह आरक्षण मिलना चाहिए. वह पहले भी कई मौकों पर एएमयू का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त करने और संस्थान में एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण बहाल करने की मांग उठा चुके हैं.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu