गांधीवादी तरीके से संघर्ष जारी रखें, न्यायिक जांच के आदेश तक जेल में रहने को तैयार: वांगचुक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 05 Oct 2025 07:26 PM
गांधीवादी तरीके से संघर्ष जारी रखें, न्यायिक जांच के आदेश तक जेल में रहने को तैयार: वांगचुक
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लेह. जेल में बंद कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख के लोगों से शांति और एकता बनाए रखने तथा राज्य का दर्जा एवं संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों के लिए जारी संघर्ष गांधीवादी तरीके से जारी रखने की अपील की है. यह जानकारी वांगचुक के वकील ने रविवार को दी. वांगचुक ने यह संदेश ‘लेह एपेक्स बॉडी’ के कानूनी सलाहकार हाजी मुस्तफा के माध्यम से दिया, जिन्होंने कार्यकर्ता के बड़े भाई के. सेतन दोरजे ले के साथ शनिवार को राजस्थान की जोधपुर जेल में उनसे मुलाकात की.

संदेश में वांगचुक ने कहा कि 24 सितंबर की हिंसा के दौरान चार लोगों के मारे जाने की जब तक स्वतंत्र न्यायिक जांच नहीं हो जाती, तब तक ”मैं जेल में रहने के लिए तैयार हूं.” उन्हें 26 सितंबर को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत लेह में हिरासत में लिया गया था. इससे दो दिन पहले केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के दर्जे की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस प्रदर्शन में चार व्यक्तियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. अधिकारियों ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है.

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो द्वारा दायर एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सोमवार को सुनवाई निर्धारित है, जिसमें उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता की रासुका के तहत हिरासत को चुनौती दी है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है. मुस्तफा ने रविवार को वांगचुक से मिलने के बाद, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और फेसबुक सहित अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर वांगचुक का ”संदेश” पोस्ट किया.

वांगचुक ने कहा, ”मैं शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से ठीक हूं तथा सभी की चिंता और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं. जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और जो लोग घायल तथा गिरफ्तार हुए हैं, उनके लिए मैं प्रार्थना करता हूं.” उन्होंने कहा कि चार लोगों के मारे जाने की स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, ”मैं जेल में रहने को तैयार हूं.” वांगचुक ने कहा, ”मैं छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की हमारी वास्तविक संवैधानिक मांग में एपेक्स बॉडी, केडीए और लद्दाख के लोगों के साथ दृ­ढ़ता से खड़ा हूं और एपेक्स बॉडी लद्दाख के हित में जो भी कदम उठाएगी, मैं तहे दिल से उनके साथ हूं.”

वांगचुक ने कहा, “मैं लोगों से शांति और एकता बनाए रखने और अपना संघर्ष अहिंसा के सच्चे गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्वक जारी रखने की अपील करता हूं.” लद्दाख प्रशासन ने हिंसा की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) ने छह अक्टूबर को केंद्र के साथ निर्धारित बातचीत से तब तक दूर रहने का फैसला किया है जब तक न्यायिक जांच का आदेश नहीं दे दिया जाता और वांगचुक सहित हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई नहीं हो जाती.

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