नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 1 नवंबर 2026 को पुष्टि की कि सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदल गया है और इसका नाम “मुरासु” रखा गया है। यह तूफान पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है और तेजी से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।
कहां और कब टकरा सकता है तूफान?
IMD के मुताबिक, मुरासु 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर-नरसापुर तट पर ओंगोल के पास टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। 1 नवंबर की दोपहर तूफान चेन्नई से करीब 560 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 660 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और नेल्लोर से 630 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। विभाग का कहना है कि तूफान लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 2 नवंबर की सुबह तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान बन सकता है, जिसके बाद यह आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ेगा।
मुरासु का क्या है अर्थ?
तमिल भाषा में “मुरासु” का अर्थ प्राचीन ढोल या ड्रम है। पुराने समय में गांवों में जानकारी फैलाने और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के लिए इस वाद्य यंत्र का इस्तेमाल होता था, इसीलिए यह नाम चुना गया। उत्तर हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम WMO और ESCAP की समिति की सूची के आधार पर रखे जाते हैं, जिसमें 13 देशों के सुझाए नाम शामिल हैं। मुरासु नाम भारत की ओर से सुझाया गया है।
आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी बारिश
IMD ने कहा है कि 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तरी तमिलनाडु के कुछ इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मुरासु मध्यम तीव्रता का चक्रवात बन सकता है, लेकिन भारी बारिश और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका है।
इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
| तारीख | राज्य/क्षेत्र | अलर्ट |
|---|---|---|
| 1-2 नवंबर | तमिलनाडु | भारी से बहुत भारी बारिश |
| 2-3 नवंबर | तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना | भारी से बहुत भारी बारिश |
| 3-4 नवंबर | छत्तीसगढ़, दक्षिणी ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश |
| 2-3 नवंबर | तटीय आंध्र प्रदेश और यनम | कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश |
| 3 नवंबर | तेलंगाना | कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश |