करगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक की लद्दाख हिंसा में मौत दुखद: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 29 Sep 2025 10:10 PM
करगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक की लद्दाख हिंसा में मौत दुखद: कांग्रेस
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली/भोपाल. कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि यह बेहद अपमानजनक है कि लद्दाख में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में करगिल युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक त्सावांग थारचिन भी शहीद हो गए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि थारचिन सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थे और 1999 के कारगिल युद्ध में बहादुरी से लड़े थे. उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि उनके पिता भी भारतीय सेना में थे.

रमेश ने कहा, ”त्सावांग थारचिन लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा देने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. यह बेहद दुख और आक्रोश की बात होनी चाहिए कि पांच दिन पहले आंदोलनकारियों पर गोलीबारी में तीन अन्य लोगों के साथ उनकी भी मौत हो गई.” हिंसा प्रभावित लेह में सोमवार को छठे दिन भी कफ्र्यू जारी रहा और उपराज्यपाल कवींद्र गुप्ता समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

केंद्र के साथ बातचीत को आगे ब­ढ़ाने के लिए ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प के बाद 24 सितंबर को लेह शहर में कफ्र्यू लगा दिया गया था. यह संगठन राज्य का दर्जा और लद्दाख में छठी अनुसूची के विस्तार के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है.

सोनम वांगचुक के खिलाफ राजद्रोह का मामला बेहद आपत्तिजनक: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि लद्दाख में 24 सितंबर को व्यापक हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करना ‘बेहद आपत्तिजनक’ है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “सोनम वांगचुक जी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाना घोर आपत्तिजनक है. हम इसकी भर्त्सना करते हैं. पूरी कांग्रेस पार्टी सोनम वांगचुक जी के साथ खड़ी है.”

वांगचुक को बिना शर्त रिहा किया जाए, लद्दाख के लोगों में अलगाव की भावना पैदा कर रहा केंद्र: केडीए

करगिल डेमोक्रेटिक फ्रंट (केडीए) ने लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य व्यक्तियों को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने की सोमवार को मांग की. केडीए ने दावा किया कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और अन्य मूल मांगों को पूरा करने में केंद्र सरकार की विफलता के कारण केंद्र शासित प्रदेश के लोगों में अलगाव की भावना पैदा हो रही है.

केडीए लेह एपेक्स बॉडी के साथ मिलकर लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और अन्य संवैधानिक सुरक्षा के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है. संगठन ने लेह में हुई हिंसा के लिए सीधे तौर पर केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और सुरक्षार्किमयों समेत कई अन्य लोग घायल हो गए. केडीए सदस्य सज्जाद करगिली ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कठोर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेजे गए वांगचुक और लेह में हिरासत में लिए गए अन्य युवा नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की.

उन्होंने कहा कि छठी अनुसूची के तहत राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
करगिली ने कहा, “ऐसे समय में जब राष्ट्र अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार लोगों में अलगाव और असुरक्षा की भावना को ब­ढ़ाएगा.” उन्होंने कहा कि सरकार को “लोगों के साथ समझदारी से पेश आना चाहिए.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu