वायनाड. केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन की घटनाओं में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 167 हो गई है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं. जिला प्रशासन ने बुधवार को यह जानकारी दी. जिला प्रशासन ने बताया कि बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. इसने कहा कि जान गंवाने वाले 167 लोगों में 22 बच्चे हैं. प्रशासन ने कहा कि 167 लोगों में से 96 शवों की शिनाख्त कर ली गई है तथा 166 का पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है.
जिला प्रशासन ने कहा कि तलाश अभियान के दौरान 61 शारीरिक अंग भी मिले हैं जिनमें से 49 का पोस्टमॉर्टम करा लिया गया है.
इसने बताया कि 167 शवों में से 75 शव रिश्तेदारों को सौंप दिए गए हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्रों से 219 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिनमें 78 का उपचार अब भी जारी है. सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं.
भूस्खलन की घटनाएं मंगलवार को तड़के दो बजे और चार बजकर 10 मिनट के बीच हुईं, जिससे अपने घरों में सो रहे लोगों को बचने का मौका भी नहीं मिल पाया. मूसलाधार बारिश के कारण बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन ने मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हुआ है. इस बीच, भुवनेश्वर से प्राप्त समाचार के अनुसार ओडिशा सरकार ने कहा है कि राज्य के दो लापता व्यक्तियों में से एक का शव भूस्खलन प्रभावित वायनाड में मिला है.
केरल के वायनाड में भूस्खलन के बाद ओडिशा के दो चिकित्सक-बिष्णुप्रसाद चिनारा और स्वाधीन पांडा लापता हो गए थे. ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, ”शव चिनारा का है. औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को ओडिशा लाने की व्यवस्था की जाएगी.” पुजारी ने कहा कि चिनारा की पत्नी प्रियर्दिशनी और र्निसंग अध्यापिका सिकृति महापात्र इस भूस्खलन में घायल हो गईं. उन्होंने कहा, ”मैं भगवान जगन्नाथ से पांडा और दो घायल महिलाओं के शीघ्र ओडिशा लौटने की प्रार्थना करता हूं.”