चेन्नई. अभिनेता एवं तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पार्टी के संस्थापक विजय ने तमिलनाडु के करूर में एक रैली में मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत के कुछ दिन बाद मंगलवार को कहा कि उन्होंने अभी तक प्रभावित लोगों से मुलाकात नहीं की है, क्योंकि उनकी वहां मौजूदगी से “असामान्य स्थिति” उत्पन्न हो जाएगी. अभिनेता विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री “उनके साथ कुछ भी कर सकते हैं,” लेकिन उनकी पार्टी के सहयोगियों के साथ नहीं.
विजय ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और इस दुखद घटना के पीछे का सच सामने आएगा. विजय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी ऐसी “दुखद स्थिति” का सामना नहीं किया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ”मैंने करूर का दौरा नहीं किया क्योंकि इससे असामान्य स्थिति उत्पन्न हो सकती थी. मैं जल्द ही आपसे (पीड़ितों और घायलों के परिवारों से) मिलूंगा.”
विजय ने कहा कि घटना का सच भी जल्द ही सामने आएगा और संकेत दिया कि वह कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ”आप मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं.” विजय ने यह बात ऐसे समय कही जब उनके पार्टी सहयोगियों के खिलाफ 27 सितंबर को तमिलनाडु के पश्चिमी करूर जिले में हुई भगदड़ के सिलसिले में पुलिस ने मामला दर्ज किया है. पुलिस ने टीवीके के जिन नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता बस्सी एन आनंद और सी टी आर निर्मल कुमार शामिल हैं. करूर जिला, प्रदेश की राजधानी चेन्नई से लगभग 400 किलोमीटर दूर है.
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री महोदय, अगर आपके मन में बदला लेने का विचार है, तो आप मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं लेकिन पार्टी के लोगों को नहीं छू सकते.” उन्होंने दावा किया कि घटना वाले दिन, लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, वह करूर से जल्दी निकल गए थे. विजय ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. अभिनेता एवं नेता ने कहा, ”मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है. मेरी राजनीतिक यात्रा नये जोश के साथ जारी रहेगी.” विजय ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ”मैंने अपने जीवन में ऐसी दुखद स्थिति का सामना नहीं किया है. मेरा दिल दुखता है. मेरे दिल में बस दर्द है. लोगों के प्यार और स्नेह के लिए मैं हमेशा आभारी हूं.”
इस दुखद घटना पर उन्होंने कहा, ”जो नहीं होना चाहिए था, वो हो गया. मैं भी एक इंसान हूं. जब इतने सारे लोग प्रभावित हुए हैं, तो मैं उन लोगों को छोड़कर कैसे वापस आ सकता हूं? मैं इसलिए नहीं गया क्योंकि मैं यह सुनिश्चित करना चाहता था कि फिर कोई अप्रिय घटना नहीं हो.”
भगदड़ के लिए टीवीके को खराब सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर उन्होंने कहा, “हमने कुछ ग.लत नहीं किया. लेकिन वे हमारे पार्टी नेताओं, दोस्तों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर रहे हैं.” विजय ने एक राजनीतिक साज.शि की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने पांच जिलों में प्रचार किया था, “लेकिन करूर में ऐसा क्यों हुआ? लोग सच्चाई जानते हैं और सब कुछ देख रहे हैं.” विजय ने कहा कि उन्होंने करूर के लोगों को (सोशल मीडिया पर) सच बोलते देखा, तो उन्हें लगा कि ईश्वर सच बोलने के लिए धरती पर अवतरित हुए हैं.
पीड़ित परिवारों की पीड़ा पर, विजय ने कहा, ”उस समय हम सभी प्रभावित हुए.” उन्होंने हादसे पर दु?ख व्यक्त करते हुए कहा, ”मुझे पता है कि कई परिवार दु?ख झेल रहे हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि सभी जल्द ही ठीक हो जाएंगे. मैं जल्द से जल्द आप सभी से मिलूंगा.” टीवीके पदाधिकारियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), धारा 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), धारा 125 (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना), धारा 223 (आदेश की अवज्ञा) और तमिलनाडु सार्वजनिक संपत्ति (क्षति और हानि निवारण) अधिनियम, 1992 की धारा 3 शामिल हैं. प्राथमिकी के अनुसार, विजय “जानबूझकर” करूर जिले के वेलुसामीपुरम में देर से पहुंचे, जिससे उनकी रैली में शामिल होने के लिए एकत्रित लोगों की भीड़ और व्यग्रता बढ़ गई.