Diwali-2026 सनातन धर्म का सबसे बड़ा त्योहार दीवाली प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को आता है. इस बार दीपों का ये उत्सव 8 नवम्बर को मनाया जाएगा. इस दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का विधान शास्त्रों में दिया गया है. मान्यता है कि अगर इस दिन महालक्ष्मी यंत्र यानी श्रीयंत्र घर लाते हैं तो माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन का आवागमन बना रहता है.
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि दीवाली के दिन महालक्ष्मी यंत्र का घर लाना शुभ माना गया है. इसलिए इस दिन मां के पदचिह्नों के साथ ही महालक्ष्मी यंत्र की पूजा करें और माता लक्ष्मी के सिद्ध मंत्रों का जाप करें. इसके बाद कथा सुनें और आरती कर पूरे घर को दीपक से रोशन करें. मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी धरती पर आती हैं और जो घर साफ-सुथरा और रोशनी से जगमगा रहा होता है वहां पर वह ठहर जाती हैं. इसीलिए दीवाली आने से कुछ दिन पहले से ही लोग अपने घरों को साफ करने लगते हैं.
दीवाली पूजन मुहूर्त (8 नवम्बर)
आचार्य कमलकांत कुलकर्णी ने दीवाली पूजन का शुभ मुहूर्त बताया-
प्रात: 8 बजे से 11 बजकर 12 बजे तक
दोपहर में 1 बजकर 35 मिनट से लेकर 3 बजकर 30 मिनट तक
सायं को 5 बजकर 46 मिनट से लेकर रात में 10 बजकर 35 मिनट तक
रात में 1 बजकर 48 मिनट से लेकर 3 बजकर 24 मिनट तक.
8 नवंबर 2026 का पंचांग और तिथि विवरण
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, जिसके तुरंत बाद अमावस्या तिथि आरंभ हो जाएगी। रविवार का यह दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन दीपों का महापर्व दिवाली, अभ्यंग स्नान और महालक्ष्मी पूजन संपन्न किया जाएगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन स्वाती नक्षत्र पूरे दिन और रात को पार करते हुए अगले दिन सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके अलावा, शुभ फल देने वाला आयुष्मान योग रात 3 बजकर 3 मिनट तक बना रहेगा।
दीपावली 2026 के प्रमुख शुभ मुहूर्त
दिवाली के पावन अवसर पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए दिनभर के शुभ समय इस प्रकार हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 ए एम से 05:46 ए एम तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:20 ए एम से 06:38 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:46 ए एम से 12:30 पी एम तक
गोधुलि मुहूर्त: शाम 05:39 पी एम से 06:05 पी एम तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 05:39 पी एम से 06:57 पी एम तक
लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में दिवाली की रात महालक्ष्मी पूजन के लिए सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से लेकर रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।
अभ्यंग स्नान का मुहूर्त
कार्तिक चतुर्दशी की तिथि पर सूर्योदय के ठीक बाद अभ्यंग स्नान करने की परंपरा है। उदयातिथि के नियम अनुसार चतुर्दशी तिथि 8 नवंबर को पड़ रही है, इसलिए अभ्यंग स्नान इसी दिन संपन्न होगा। इसके लिए निर्धारित शुभ समय नीचे दिया गया है#Deepa
अभ्यंग स्नान शुभ मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 41 मिनट से 6 बजकर 38 मिनट तक