उत्तराखंड की सियासत में दिवाली से पहले आतिशबाजी हो गई। आसाम से देहरादून पहुंची जेनी ने कांग्रेस नेता और हरक सिंह रावत पर 23 साल बाद वही आरोप दोहराए।
जेनी ने कहा कि “मेरा रेप किया गया था, मैं 16 साल की उम्र में माँ बनी, मेरा बेटा पूछता है उसका बाप कौन है ? मेरे बेटे का और हरक सिंह का DNA टेस्ट होना चाहिए। उस समय जो सीबीआई जांच हुई थी वो फर्जी थी, सब कुछ दोबारा होना चाहिए”
जेनी ने ये भी कहा कि मुझे उम्मीद है कि सीएम धामी इंसाफ़ करेंगे जैसे अंकिता भंडारी केस में किया। चुनाव की और बढ़ रही कांग्रेस को अब जवाब देना होगा।
जैनी ने हरक रावत पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले हरक सिंह रावत के सत्ता में रहने के कारण उसे केस न खुलने और जेल या पागलखाने भेजने की धमकी देकर सैकड़ों पुलिसवालों की मदद से भगा दिया गया था। साल 2004 का जिक्र करते हुए उसने बताया कि वह नौकरी की तलाश में एक कार्यकर्ता के जरिए तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची थी, जहां रावत ने उसे टिहरी भेजने के बजाय अपने ही घर पर रुकवा लिया था।
साल 2004 का जिक्र करते हुए उसने बताया कि वह नौकरी की तलाश में एक कार्यकर्ता के जरिए तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंची थी, जहां रावत ने उसे टिहरी भेजने के बजाय अपने ही घर पर रुकवा लिया था। जैनी को अपने घर पर रखकर मंत्री जी ने डेढ़ महीने तक….. ठीक नौ महीने बाद देहरादून के एक सरकारी हॉस्पिटल में जैनी को बेटा पैदा हुआ। तब जैनी खुद एक बच्ची थी लेकिन माँ बन चुकी थी। उसने मंत्री पर बच्चे का बाप होने का आरोप लगाया था।
इसके पहले जेनी ने कहा था कि मैं देहरादून आकर नामों के खुलासे करूँगी. मांग है कि मामले की सीबीआई जांच दोबारा खोली जाए और डीएनए टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।जैनी ने हरक सिंह रावत पर लगाए गंभीर आरोप, हरक सिंह रावत ने 2003 में करीब 2 महीने तक मेरे साथ रेप किया. ‘प्रेग्नेंट होने पर मुझे पागलखाने में डाल दिया गया. मेरी तरफ का वकील उन्हीं की पैरवी करता था. जहां हमसे वकील ने बोला, हमने साइन कर दी. हमें हिंदी नहीं आती थी, वकील के कहने पर साइन किया. जैनी का कहना है कि आज तक उनके बेटे के नाम के साथ उसके पिता का सरनेम नहीं जुड़ पाया है।
इस मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने कहा कि जैनी के बच्चे का बाप तो कोई होगा उसका तथ्य तो देना ही पड़ेगा।