ग्वालियर/जयपुर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में बुधवार तड़के एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से कांवड़ यात्रा पर निकले चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सड़क किनारे चल रहे कांवड़ियों को टक्कर मारने के बाद तेज रफ्तार कार पलट गई. उन्होंने बताया कि कार चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की. नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) हिना खान ने बताया कि यह घटना आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) के पास शिवपुरी लिंक रोड पर तड़के करीब दो बजे हुई, जब एक तेज रफ्तार कार का एक टायर फट गया.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीन कांवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दुर्घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, कांवड़िये घाटीगांव के पास सिमरिया गांव के निवासी थे.
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान पूरन बंजारा, रमेश बंजारा, दिनेश और धर्मेंद्र के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है. एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री यादव ने ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना में चार कांवड़ियों की आकस्मिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है.
उन्होंने अधिकारियों को चारों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. यादव ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की. अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है और डॉक्टरों को घायलों का नि?शुल्क उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं.
कांवड़ियों का ट्रक बिजली के तार की चपेट में आया, दो कांवड़ियों की मौत
राजस्थान के अलवर जिले में बुधवार को कांवड़ यात्रा में शामिल ट्रक के बिजली के तार की चपेट में आने से दो कांवड़ियों की करंट लगने से मौत हो गई और लगभग 30 अन्य घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, बिचगांव में यह हादसा उस समय हुआ जब कांवड़ियों का एक समूह और कुछ लोग गांव में परिक्रमा लगा रहे थे. समूह में शामिल ट्रक बिजली के लटकते हुए तार की चपेट में आ गया, जिससे श्रद्धालुओं की करंट लगने से मौत हो गई.
पुलिस ने बताया, “दो लोगों की मौत हो गई है और लगभग 30 घायल हैं.” घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. मृतकों की पहचान गोपाल (22) और सुरेश प्रजापत (40) के रूप में हुई है. वे दोनों बीचगांव के रहने वाले थे. परिक्रमा के बाद समूह को एक मंदिर की ओर जाना था.
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं, कई भक्त ट्रक के पास चल रहे हैं और अचानक वे ज.मीन पर गिर जाते हैं. महिलाओं सहित कई लोग कुछ ही सेकंड में करंट की चपेट में आ गए और गिर गए.
उन्हें तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया.
घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने लक्ष्मणगढ.-मुंडावर मार्ग जाम कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं और इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. हालांकि लक्ष्मणगढ. की तहसीलदार ममता कुमारी ने कहा कि उन्हें शिकायत की जानकारी नहीं है.
प्रशासन ने ग्रामीणों को घायलों के समुचित इलाज का आश्वासन दिया और घटना के कारणों की विस्तृत जांच का वादा किया.
गुस्साए स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और दावा किया कि ढीले और लटकते तारों को लेकर बार-बार की गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. एक ग्रामीण ने कहा, “कई बार चेताने के बावजूद विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया.” लगभग पांच घंटे तक चला यह विरोध प्रदर्शन ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हुआ.
ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा निकाली जाती है. यह यात्रा मंगलवार रात गांव के बाहरी इलाके में पहुंची थी. वन मंत्री और अलवर शहर के विधायक संजय शर्मा ने अलवर के सरकारी अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना.