नयी प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग की चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक प्रयास जरूरी : गुतारेस

नयी दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आतंकवादी समूहों द्वारा दुष्प्रचार के लिए नयी तकनीकों का इस्तेमाल करने की चुनौती से निपटने के लिए ठोस वैश्विक प्रयासों का शनिवार को आ’’ान किया. दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आतंकवाद रोधी समिति की बैठक को दिए एक संदेश में गुतारेस ने विभिन्न आतंकवादी समूहों द्वारा दुष्प्रचार करने, संघर्ष भड़काने और युवाओं को कट्टर बनाने के लिए नयी तकनीकों का दुरुपयोग किए जाने पर ंिचता जताई.

दिल्ली में आतंकवाद रोधी बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. गुतारेस के संदेश को वैश्विक निकाय के एक अधिकारी ने पढ़ा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, ‘‘नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों में हर जगह मानवीय स्थितियों में सुधार करने की बेजोड़ क्षमता है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि विद्वेषपूर्ण उद्देश्य रखने वाले व्यक्तियों सहित कई लोगों द्वारा इनका दुरुपयोग भी किया गया है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘घृणास्पद विचारधारा वाले आतंकवादी और अन्य लोग नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों का दुरुपयोग करके दुष्प्रचार कर रहे हैं, संघर्ष भड़का रहे हैं, युवाओं को भर्ती कर रहे हैं और कट्टरपंथी बना रहे हैं, संसाधन जुटा रहे हैं और हमले कर रहे हैं.’’ गुतारेस ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने इस तरह के दुरुपयोग के कई जोखिमों को उजागर किया है. उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल क्षेत्र में सभी मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए हमें इन जोखिमों को कम करने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए.’’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, ‘‘यह केवल प्रभावी बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों और दायित्वों और मानवाधिकारों संबंधी सार्वभौमिक घोषणा के अनुरूप है.’’ संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद की है, लेकिन उन्होंने चुनौतियों को भी जन्म दिया है, जिन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देने की जरूरत है. इस बैठक की अध्यक्षता कंबोज कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नयी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नयी और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग बढ़ रहा है, उनका विविधीकरण हो रहा है और नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं, क्योंकि विभिन्न प्रौद्योगिकियां सस्ती और अधिक आसानी से उपलब्ध हैं.’’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के अलावा दुनियाभर के विशेषज्ञ और प्रमुख एजेंसियां बैठक में हिस्सा ले रही हैं. इस बैठक का मकसद आतंकवादी उद्देश्यों के लिए प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से उत्पन्न खतरों पर चर्चा करना है. पहले दिन की बैठक शुक्रवार को मुंबई में हुई थी. यह पहली बार है, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से भारत में किसी भी प्रारूप में बैठक की जा रही है.

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