नयी दिल्ली. कांग्रेस ने संकट की इस घड़ी में श्रीलंका और उसके लोगों के साथ रविवार को एकजुटता व्यक्त की और उम्मीद जताई कि भारत मौजूदा स्थिति से निपटने में पड़ोसी देश की मदद करता रहेगा. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक संदेश में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस श्रीलंका में उभरती राजनीतिक स्थिति पर ंिचता के साथ नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती कीमतों और भोज्य पदार्थों, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की कमी ने वहां के लोगों के लिये भारी कठिनाई और संकट पैदा किया है.
गांधी ने एक बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस गंभीर संकट की इस घड़ी में श्रीलंका और उसके लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करती है और उम्मीद करती है कि वे इससे उबरने में सक्षम होंगे.’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत मौजूदा संकट के समय श्रीलंका के लोगों और सरकार की सहायता करना जारी रखेगा.’’ गांधी ने कहा कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय समुदाय से श्रीलंका को हरसंभव सहायता और समर्थन देने का भी आग्रह करती है.
श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमंिसघे के आवासों में घुसने के एक दिन बाद रविवार को भी इस पर अपना कब्जा जारी रखा. प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को प्रधानमंत्री विक्रमंिसघे के निजी आवास में आग लगा दी थी. श्रीलंका के राष्ट्रपति अभी कहां हैं, यह ज्ञात नहीं है. विक्रमंिसघे ने शनिवार को इस्तीफा देने और सर्वदलीय सरकार बनाने की पेशकश की थी.
शनिवार को प्रदर्शनकारी गोटबाया के आवास में घुस गए थे. इमारत के अंदर के वीडियो फुटेज में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को कमरों और गलियारों के भीतर, जबकि सैकड़ों लोगों को बाहर के मैदान के आसपास देखा गया था. कुछ वीडियो क्लिप में बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रपति भवन के स्विंिमग पूल में डुबकी लगाते नजर आ रहे थे. करीब 2.2 करोड़ की आबादी वाला श्रीलंका सात दशकों में सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. श्रीलंका में विदेशी मुद्रा की कमी हो गई है, जिसके कारण वह ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के जरूरी आयात के लिए भुगतान कर पाने में असमर्थ हो गया है.