नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी के निर्णय को ‘‘स्वीकार’’ करती हैं और उसका ‘‘सम्मान’’ करती हैं. भाजपा ने रविवार को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता शर्मा को निलंबित कर दिया था और दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को बर्खास्त कर दिया था. पार्टी ने इन दोनों द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध दिए गए आपत्तिजनक बयान पर कुछ मुस्लिम देशों से उपजे विवाद के बाद यह कार्रवाई की.
शर्मा से जब उनके विरुद्ध की गई पार्टी की कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं संगठन में पली बढ़ी हूं. मैं उनके निर्णय का सम्मान करती हूं और स्वीकार करती हूं.’’ मुस्लिम समूहों और कुवैत, कतर तथा ईरान जैसे देशों से आई प्रतिक्रिया के बीच पार्टी ने इन दोनों नेताओं पर कार्रवाई करने से पहले रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि वह सभी धर्मों का आदर करती है और किसी भी धर्म के पूजनीय नेताओं के अपमान की निंदा करती है.
सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रहीं, दिल्ली पुलिस संज्ञान ले: नवीन जिंदल
पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने के चलते भाजपा से निष्कासित किए गए पार्टी की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रकोष्ठ के पूर्व प्रमुख नवीन जिंदल ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. जिंदल एक जून को पैंगबर के बारे में ट्वीट करने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए थे.
जिंदल ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को सोशल मीडिया मंचों पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. मैं दिल्ली पुलिस से आग्रह करूंगा कि वे इसका संज्ञान लें.’’ भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख आदेश गुप्ता ने रविवार को जिंदल को भेजे गए पत्र में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके विचार सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ते हैं और पार्टी की मौलिक मान्यताओं का उल्लंघन करते हैं.
गुप्ता ने कहा कि उन्होंने (जिंदल ने) पार्टी की नीतियों और विचारधारा के खिलाफ कार्य किया है. गुप्ता ने पत्र में कहा था, ‘‘आपकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल समाप्त की जाती है और आपको पार्टी से निष्कासित किया जाता है.’’ जिंदल ने कहा है कि उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं पर हमला करने वालों और उनका अपमान करने वालों से सवाल पूछते हुए ट्वीट किया था और इसका उद्देश्य किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.